यह मेरी सच्ची कहानी है. मेरे पापा ने मुझे चोद दिया था और उस दिन मैंने बहुत ही एन्जॉय किया था; इतना कि मैं यहाँ आपको बता नहीं सकती हूँ.
खैर दोस्तो, एक बार फिर में अपने वादे को पूरा करते हुए अपनी दूसरी कहानी लेकर आई हूँ. यह घटना मेरे साथ अभी घटी जब पापा ने मुझको फ़िल्म दिखाने के बहाने से एक बहुत ही हॉट ब्लू फिल्म यानी xxx मूवी दिखाई और अपनी बेटी को गर्म कर मस्ती से मजे ले लेकर चोदा।
पापा की इस बार की चुदाई से तो मुझे और मेरी चूत को मजा ही आ गया।
एक शाम को में और मेरे पापा बैठे हुए थे तो उन्होंने मुझसे कहा रूमी क्या तुमने कभी ब्लू फिल्म देखी है?
मैंने पापा से कहा- ये ब्लू फिल्म क्या होती है?
पापा ने मुझे ब्लू फ़िल्म के बारे में बताया कि इन फिल्मों में हीरो हीरोइन की जगह पर आदमी और औरत को चुदाई करते हुआ दिखाते हैं.
मैंने कहा- अरे पापा.. बात तो मुझे भी ब्लू फिल्म देखनी है.
पापा ने कहा- में तुम्हें एक ही शर्त पर ब्लू फ़िल्म दिखाऊंगा कि तुम उसी स्टाइल में मुझसे चुदवाओगी.
मैंने कहा- पापा मैंने कब मना किया है। मेरी जवानी तो सिर्फ आप के लिए ही है, मेरी चुत में घुसने के लिए आपके लंड को इजाज़त है
पापा ने कहा- तो फिर आज रात को ही में तुम्हें ब्लू फिल्म दिखाऊंगा.
पापा शाम को गए और xxx ब्लू फिल्म की सीडी ले आए. मैं तो ब्लू फ़िल्म और अपनी चुदाइ के बारे में सोचकर ही गर्म होती जा रही थी, मेरी चुत तो अभी से पापा के लंड को याद कर गीली हो रही थी.
हमारे खाना खाने के बाद पापा ने फिल्म चालू कर दी. फ़िल्म शुरू होने के बाद मैंने जो नजारा देखा उसे देखकर तो मेरी साँसें ही रुक गईं.. आज से पहले मैंने ऐसा नज़ारा नहीं देखा था.
फ़िल्म में एक लड़की फ़व्वारे के नीचे नहा रही थी. उसकी मस्त और बड़ी-बड़ी चूचियां पर मेरी चूचियों से छोटी थीं. मैंने देखा कि जब वो मस्त माल लौंडिया नहा रही थी उसी समय एक अफ्रीकन लड़का कमरे में आता है और बाथरूम में जाकर उसको नंगा नहाते हुए देख कर लंड की मुट्ठ मारने लगता है.
पापा मेरे साथ में बैठे हुए फ़िल्म देखकर गर्म हो गए और मेरी चूचियों को नींबू की तरह मसलकर उसका रस निकालना शुरू कर दिया. मैं भी पापा से अपनी चूचियां दबवा कर गर्म हो रही थी.
तभी फ़िल्म में लड़की उस अफ्रीकी को लंड हिलाते हुए देख लेती है.. और उस काले हब्शी को बाथरूम में बुलाती है और उसका क़रीब 12 इंच मोटा लम्बा लंड पकड़ लेती है.
उस साले का लंड नहीं बिल्कुल लोहे का सरिया लग रहा था और वह लड़की उसके लंड का सुपारा चाटने लगती है.
मेरे पास में फ़िल्म देख रहे मेरे पापा का लंड भी इस नज़ारे को देखकर जोश में आ चुका था. उनके इस खड़े हुए लंड को देख मेरी चूत ने भी अपना पानी गिराना शुरू कर दिया.
पापा बोले- क्या बात है आज तुम चुदाई से पहले ही झड़ गई?
मैंने कहा- पापा मैं झड़ी नहीं, ये तो मेरी मुनिया ने पेशाब कर दिया है.
पापा मेरे ऐसा कहते ही एक झटके से उठ कर मेरी टांगों के बीच आए और मेरी टांगों को चौड़ी करके मेरी चुत को मस्ती के साथ में चूसने लगे. ‘ऊऊ.. उफ़्फ़.. क्या नशा छा रहा था मुझे ऐसा लग रहा था जैसे पापा की जीभ मेरी चूत में जाकर मुझे जन्नत की सैर करा रही हो.’
पापा ने मेरी चुत पे लगी हुई पेशाब की बूंदों को जीभ से चाटने के साथ ही उसे बुरी तरह से चूसना शुरू कर दिया.
मैं तो मेरे पापा की इस अदा से मस्त और मादक सिसकारियां भरने लगी ‘ऊऊ…ऊईइ.. स्सस्स…स्स.. स्सीईई.. पापा मजा आ गया आज तो.. आह्हह्ह.. शाबाश ऐसे ही चूसो..ऊऊ.. जीभ को चूत के पूरा अन्दर कर दो और मुझे चोदो पापा सीईईई.. अह्ह.. सीई..’
तभी मैंने टीवी में देखा की वह हब्शी लड़का उस लड़की की छोटी सी चुत में अपना घोड़े जैसा लंड घुसा रहा था.. और वो हरामी लड़की चीखने के बजाए उसको चोदने के लिए उकसा रही थी ‘याह.. फ़क मी ऊऊओह्ह.. फ़क मी हार्डर हनी फ़क मी.. योर डिक इस सो लॉन्ग.. एंड स्ट्रॉंग ऊउ.. सीई..ई अह्ह’
उनकी चुदाई की मादक आवाजों को सुनकर पापा उठे और बोले- बिटिया, अब तुम्हारी बारी आ गई है.
मैं उनका इशारा समझ गई और उनके खड़े लंड को अपने हाथों में लेकर प्यार प्यार से उसकी मूठ मारने लगी.
पापा का लंड मेरे हाथों की गर्मी से अकड़ना शुरू हुआ तो मैंने लंड का एक चुम्मा लिया.
मेरे चुम्मे पर पापा- रूमी बेटी, सिर्फ़ चुम्मे से काम नहीं चलेगा, इसको तो आज तुम्हारे रसीले होंठों का प्यार चाहिए.
बस फिर क्या था मैंने उनके लंड को मेरे गुलाबी होंठों से झकड़ते हुए अपने गले की गहराइयों में ले जाते हुए उसे नापने लगी. पापा के लंड को चूसने में मुझे बहुत मजा आ रहा था.
पापा का लंड मेरे चूसने से थूक से गिला होकर अपनी उभरी हुई नसों के साथ अकड़कर मेरी चुदाई के लिए मरा जा रहा था.
पापा तो मेरे लंड चूसने से कुछ ज्यादा ही जोश में आ गए थे.. आखिर उनको आज फिर से मेरी जवान और टाइट चूत जो मिलने वाली थी.
पापा ने इसी जोश में मुझे उठा कर बिस्तर पर पटका और उसी के साथ खुद भी उछल कर बिस्तर पर आ गए और मेरी चुत पे अपनी तोप तान दी.
पापा ने मेरी चुत की बाहरी दीवारों पर अपना लंड रगड़ा और अगले ही सेकंड उनका लंड मेरी चुत में एकदम से समा गया.
पापा के ऐसा करने से मुझे थोड़ा दर्द हुआ तो मैंने कहा- एक मिनट के लिए प्लीज़ इसको निकाल लो. पापा ने हँसते हुए कहा- तू अभी सिर्फ़ दूसरी बार ही चुद रही है, तो लंड घुसाते वक्त थोड़ा तो दर्द होगा ही.
पापा ने कहने के साथ ही अपने लंड के धक्कों की स्पीड बढ़ा दी और कुछ झटको के बाद कमरा मेरी चुदाई की कामुक सिसिकारियों से गूँजने लगा. ‘सीईई.. ऊऊ…उईई.. माँआ…आ.. पापा जोर से चोदो.. हाँ ऐसे ही.. सीईईई.. अह्हह्ह.. सीईई.. यस चोदो… फाड़ डालो मेरी चुत को.. सीई..’
पापा ने मेरी गर्मी को भांपते हुए अपने धक्कों की रफ्तार और बढ़ा दी.
मैंने कहा- पापा, अपना पूरा लंड डाल कर चोदो मुझे… मेरी चुत और अन्दर तक लंड मांग रही है.
पापा- इसको तो मेरा लंड खाना है आज में इसकी माँ चोद दूंगा.
पापा के साथ-साथ अब मैं भी चुदाई का मजा लेते हुए अपनी कामुक आहों ‘आआआह्ह अह्ह.. सीईई..’ के साथ अपने चूतड़ों को हवा में उछाल कर चुदवा रही थी.
हमारे सामने टीवी पर काला लंड जवान चुत को चोद रहा था तो इधर पलंग पर पापा का लंड मेरी चूत का भोसड़ा बना रहा था.
मैं भी जोर-जोर से लंड पर अपनी नाजुक और गर्म चूत से झटके मार रही थी. तभी पापा ने लंड बाहर निकालते हुए कहा, अब में भी तुमको टीवी पर जैसा दिखाया, वैसे ही चोदूँगा.
मैंने देखा की फ़िल्म में वह लड़का, उस लड़की को कुतिया बना कर चोद रहा था. मैं भी जल्दी से पलंग पर कुतिया बन गई और बोली- आने दो पापा..
पापा बोले- तुम तो बड़ी चुदक्कड़ हो गई हो… ये लो मेरी छिनाल.. इसी के साथ उनका लंड मेरी चुत के अन्दर आकर मेरी चुत की गहराई तक जाकर मेरी बच्चेदानी तक चोट मारने लगा.
मैंने पापा से कहा- उफ़्फ़.. और.. स्सस्सह पापा स्सस्सीईईई जोर जोर से चोदो अह्ह.. आपका लंड मेरी बच्चेदानी को चोद रहा है.. अह्हह्ह.. यस चोदो..
पापा का हर धक्का अब मुझको बहुत ही मजा दे रहा था. मेरी सिसकारियां भी बढ़ने लगी थीं- सीईई.. आआईइऊ.. सीईई.. ऊऊफ़्फ़.. यस चोदो जोर जोर से चोदो.. अविनाश..
पापा चोदते हुए बोले- हैं..? ये अविनाश कौन है..
मैं सिसकारी लेती हुई बोली- सीई.. पापा अविनाश, आआह्हह्ह.. जोर से चोदो ना.. मेरा दोस्त है.
पापा बोले- उसको कभी अपनी चूत की मलाई चखाई है?
मैंने कहा- नहीं..
पापा बोले- बेटी कभी उसको भी अपने घर बुलाओ.. तुमको भी 2-2 लंड से एक साथ चुदवाने में मजा आ जाएगा.
मैंने भी कहा ठीक है पापा लेकिन अभी तो मुझे और जौर से चोदो सिई.. मेरी चूत अभी भी प्यासी है.. सीईईइ जम के चोदो मेरे राजा.. सीईई.. आअह्ह.. लंड से चोदो.. पापा मजा आ गया.. कब चोदोगे अविनाश के साथ..?
पापा बोले- कल उसको अपने घर पर बुला लो फिर देखते है इस बारे में.
तभी मैं सिसकी- पापा मैं तो अब गई.. सीईई.. उह्ह.. आह्ह.. झड़ने वाली हूँ. लेकिन आप भी अपना पानी मेरी चुत में झड़ाना.. सीईई… अह्ह.. पापा मैं तो गई..
तभी पापा ने भी अपने झटकों की गति और बढ़ा दी और वो बोले- ले बेईईटीई.. मेरे लंड का पानी अपनी चुत को तो पिला दे..
पापा का लंड पिचकारी छोड़ने लगा तो मुझे अपनी चुत की गहराई में पापा का रस झटको के साथ महसूस होने लगा. झड़ने के बाद मैंने पापा से उनके लंड को मेरी चूत में ही डाले हुए मेरी चुचियों को चूसने के लिए कहा.
2 मिनट बाद पापा का लंड मुरझा कर मेरी चूत से बाहर आ गया तो मैंने देखा मेरी चुत पापा के लंड से नहाकर बहुत ही ज़्यादा सुन्दर लग रही थी.
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