दोस्तो, freesexstory.online में आपने अब तक पढ़ा कि पुजारी ने रीना को चोदने के लिए पूजा के लिए अपने जाल में फंसा कर उसके साथ आसन लगाना शुरू किया इससे रीना भी चुदाई के लिए गर्म होने लगी थी.
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अब आगे की कहानी ..
पुजारी- अब मैं पेट के बल लेटूंगा और तुम मेरे ऊपर पेट के बल लेट जाना.
पुजारी के ज़मीन पर पेट के बल लेटने के बाद रीना भी पुजारी के ऊपर पेट के बल लेट गई.
और उसके चूचे पुजारी की पीठ पर चिपक गए और नंगा पेट पुजारी की नंगी पीठ से चिपका कर अपना पेट पुजारी की पीठ पे रगड़ने लगी.
पुजारी- रीना.. मेरी पीठ पर तुम्हारे पेट का स्पर्श ऐसे लग रहा है जैसे कोई मखमली बदन मुझे आनंद दे रहा है.
और तुम्हारे स्तनों का स्पर्श तो.. जैसे मुझे मदहोश ही कर रहे है. ऐसे स्तनों को तो अपने हाथों में लेने के लिए कोई भी व्यक्ति ललचा जाये.
रीना- स्सह्ह..
पुजारी- अब मैं पीठ के बल लेटूंगा और तुम अपने पैरो को मेरे मुँह और अपने मुँह को मेरे पैरों की और करते हुए पेट के बल लेट जाना.
रीना पुजारी के ऊपर पेट के बल लेट गई. अब उसकी टांगें पुजारी के चेहरे की तरफ़ थीं. रीना अपनी नाभि में पुजारी का सख्त हुए लंड को अंदर घुसने की कोशिश करते हुए महसूस कर रही थी.
पुजारी रीना दूसरी और अपने हाथों से रीना की टांगों सहलाते हुए- तुम्हारी टांगें कितनी अच्छी हैं लगता है जैसे संगमरमर हो इतना कहते हुए उसके पेटीकोट को ऊपर चढ़ाकर उसकी जांघें मसलते हुए रीना की टांगें और फैला दीं.
पुजारी को अब रीना की पेंटी साफ़ दिख रही थी. वह धीरे-धीरे अपने हाथों को उसकी चूत के पास ले जाकर हल्के-हल्के से सहलाने लगा. चूत के पास हाथ लगते ही रीना भी पूरी तरह से गरम हो गई थी.
पुजारी- अब मैं घुटनों के बल बैठता हूँ और तुम सामने से मेरे कंधों पर मेरे सिर के दोनों और अपनी टांगो को फैलाते हुए बैठ जाओ.
रीना के ऐसे बैठने से उसकी नाभि पुजारी के होंठों से छूने लगी और पुजारी ने अपनी जीभ बाहर निकाल कर रीना की नाभि में घुमाना शुरू किया और रीना से कहा अपनी आँखें बंद करके बोलो.. स्वाहा..
रीना- स्वाहा..
पुजारी- रीना.. तुम्हारी नाभि बहुत ही गहरी और मादक है.. क्या किसी ने इससे पहले तुम्हारी नाभि में जीभ डालकर उसका आनंद लिया है?
रीना ने मादकता से आह्ह.. भरते हुए कहा, नहीं पुजारी.. आप पहले हैं.
पुजारी- अब अगले आसन के लिए तुम मेरे कंधों पर बैठे हुए ही पीछे की तरफ़ अपने हाथों का सहारा लेकर लेट जाओ.
रीना के ऐसा करते ही पुजारी के होंठों के सामने रीना की चूत थी. अब पुजारी ने अपने हाथों से ब्लाउज के ऊपर से ही रीना के स्तनों को दबाना शुरू कर दिया. रीना भी अब पूरी तरह से गरम हो गई थी और यही चाह रही थी.
रीना अब अपनी वासना पर क़ाबू नहीं रख पाई और अपने पेटीकोट को ऊपर चढ़ाते हुए अपने दोनों पैरों से जोड़ लगाते हुए अपनी चूत को पुजारी के होंठों पे लगा दिया. पुजारी को तो बस इशारा चाहिए था और इसी के साथ वह कच्छी के ऊपर से ही रीना की चूत पे अपनी जीभ का जादू चलाने लगा.
पुजारी और रीना दोनों ही अब कामुक हो गए थे तो पुजारी ने रीना से कहा, अब तुम मेरी गोदी में आ कर बैठ जाओ और ऐसा कहते ही रीना तुरंत ही उसकी गोदी में लंड पे अपनी चूत को भिड़ाते हुए बैठ गई और उससे लिपट गई.
पुजारी- ऊह्ह.. रीना.. आज तो तुम बहुत ही ज़्यादा कामुक लग रही हो.. अब मुझे तुम्हारी काम अग्नि को शांत करना होगा.
रीना – प्लीज़..पुजारी.. मेरी काम अग्नि को शांत कर दो.
पुजारी ने रीना के मुँह से यह सुनते ही उसके मम्मों को ज़ोर-ज़ोर से दबाना शुरू किया तो दूसरी और उत्तेजित रीना अपनी चूत पुजारी के लंड पे दबाने लगी.
पुजारी ने अब जोश में आकर रीना के ब्लाउज को उतारने के साथ ही उसके निप्पलों को अपने मुँह में लेते हुए कहा बहुत दिनों से दूध से स्नान कर रही है .. आज में तेरी चुचियों का सारा दूध पी जाऊंगा..
रीना- आअह्ह.. पी जाओ.. पूरा पी लो पुजारी.. पी लो..
पुजारी से अब रुका नहीं जा रहा था और बैठे-बैठे ही अपनी लुंगी खोलकर कच्छे से अपना लंड निकाला तो रीना ने भी गोदी में बैठे हुए ही अपनी कच्छी थोड़ी नीचे की और पुजारी के सख्त लंड पर बैठ गई.. और रीना के लंबी आह लेने के साथ ही पूरा लंड उसकी चूत में चला गया.
रीना अब आनंदित हो लंड पे ऊपर नीचे होने लगी और उधर पुजारी ने कहा, तेरी योनि कितनी अच्छी और सुखदायी है.. इसने तो मेरी इस बांसुरी को आनंदित कर दिया है.
रीना- पुजारी.. आपकी बांसुरी भी कम नहीं है इसने भी मेरी योनि को अपनी मीठी धुन से आनंदित करते हुए मजे से उसको आनंदित कर रही है.
पुजारी- मेरी रानी.. आह.. फिकर मत कर.. आ..ज तुझे पूरी तरह से आ..न…न्दि…त कर दुगा.
रीना- आअह्हह्ह.. पुजारी.. एक विधवा.. औरत.. को मर्द का बदन चाहिए.. असली सुख तो इसी में है.
ऐसा कहते हुए रीना लेट गई और पुजारी उसके ऊपर आकर उसके मम्मों को दबाते हुए उसे चोदते हुए बोलने लगा आ…अ…ह्ह… आज के लिए तेरा पति हूँ!
पुजारी- मेरा लिंग आज तेरी योनि को चोदकर पूरी तरह से संतुष्ट कर देगा.. मेरी प्यारी रीना..
रीना- आअह्हह.. चोद दो.. आअह्ह.. आह्हह्ह.. कर दो मुझे संतुष्ट ना.. आआह्ह..
ऐसा कहते हुए दोनों एक साथ झड़ गए और पुजारी ने अपना सारा वीर्य रीना की चूत पर गिरा दिया.
काम के आवेग से बाहर आने के बाद में जब रीना ने अपनी आँखे खोले तो वह पुजारी से आँखें नहीं मिला पा रही थी.
पुजारी रीना के गालो को चूमते हुए उसके साथ लेट गया.
रीना- पुजारी.. यह मैंने कैसा पाप कर दिया?
पुजारी- नहीं रीना.. पुजारी के साथ काम(संभोग) करने से पाप नहीं बल्कि तुम पूर्ण रूप से शुद्ध हो गई है.
कुछ देर बाद रीना ने अपने कपड़े पहने और मेकअप उतार कर अपने घर चली गई.
पुजारी ने उसका देवलिंग आज उतार दिया था और रात को सोते समय रीना को देवलिंग की कमी महसूस हो रही थी.
रीना को अब लेते हुए अपनी आज की चुदाई याद आने लगी और उत्तेजित होकर अपनी सलवार का नाड़ा खोला और अपनी चूत को रगड़ते हुए बुदबुदाते हुए. ‘पुजारी.. यह मुझे क्या हो रहा है’ और इसी के साथ अपनी उंगली से गांड को रगड़ने लगी.
अगले दिन सुबह 5 बजे रीना मन्दिर आई.. इस वक्त मन्दिर में कोई था. पुजारी ने रीना को मन्दिर के पीछे आने का इशारा किया और मंदिर के पीछे आते ही रीना पुजारी से लिपट गई.
बस फिर क्या था दोनों एक दूसरे को चूमने लगे .. पुजारी जोश में रीना की गांड दबा रहा था तो रीना भी कम नहीं थी और पुजारी के होंठों को चूम रही थी. तभी मन्दिर की घंटी बजते ही पुजारी रीना को छोड़ कर मन्दिर में आ गया.
थोड़ी देर बाद पुजारी वापस रीना के पास आया और बोला तुम अभी जाओ और पूजा के समय पर आ जाना.
रीना में पूजा घर जाकर 12 बजने का इन्तजार करने लगी. जैसे ही 12 बजे वो तेजी के साथ पुजारी के घर गई और दरवाज़ा बंद करने के साथ पुजारी से लिपट गई और दोनों जमीन पर लेट गए.
रीना आज बहुत ज़्यादा उत्तेजित थी और पुजारी को अपनी बांहों में कसते हुए उसके चेहरे पर किस पे किस करते हुए उसके होठों को चूमना शुरू किया और तुरंत ही दोनों एक दूसरे की जीभ को चाटते हुए एक दूसरे में खो गए.
रीना ने पुजारी की जीभ को हल्के हल्के से काटना शुरू किया तो पुजारी- ओह.. रीना.. मेरी रानी.. तेरी जीभ.. तेरा मुँह तो मिल्क शेक की तरह मीठा, होंठ बड़े रसीले, और जीभ शरबत है.. आआह्ह..
पुजारी अब आगे बढ़कर रीना के गले को चूमते हुए उसके पल्लू को हटा कर उसके मस्त और कामुक स्तनों को दबाने लगा तो रीना से रुका नहीं गया और उसने अपना ब्लाउज और ब्रा को निकाल दिया.
रीना के स्तनों के नंगे होते ही पुजारी उसके मम्मों पर टूट पड़ा और उसके निप्पलों को मस्ट दबाते हुए चूसने लगा. तेरे इन मस्त मलाईदार दूध वाले स्तनों का जवाब नहीं और उसके ऊपर गुलाब की पंखुड़ियों जैसे गुलाबी निप्पलों.. को तो खाने का मन करता है.
रीना ने आअह्हह्ह.. भरते हुए कामुक हो कहाँ, अह.. उई.. तो खा जाओ ना.. कौन मना कर रहा है..
पुजारी रीना के निप्पलों को दाँतों के बीच में लेकर दबाते हुए अह्ह.. रीना- लो ना.. निकाल दो मेरा पूरा दूध.. खाली कर दो मेरे स्तनों को दबाकर..
पुजारी कुछ देर तक रीना के स्तनों को मस्त से चूसने, चबाने और काटने के बाद नीचे की तरफ़ आया और रीना की साड़ी और पेटीकोट को पेट पर चढ़ाते.. हुए उसकी टांगें खोली तो रीना को कच्छी में देखकर कहा- आज कच्छी पहनने की क्या ज़रूरत थी!
रीना- पुजारी.. आपको पसंद नहीं है तो अभी खोल देती हूँ और आज के बाद आगे से नहीं पहनूँगी.
पुजारी- रीना के कच्छी उतारते ही उसकी मस्त और रसीली चूत चाटने लगा.. रीना के बदन में करंट सा दौड़ गया क्योंकि आज पहली बार कोई पुरुष उसी मस्त चूत को चाट रहा था.
रीना- आआह्हह्ह.. म.. म्म..म.. मेरी योनि आपके लिए पूरी तरह से खुली है.. आप अपनी शुद्ध जीभ से इसका भोग लगाकर मेरी योनि को पवित्र कर दो. आआह्हह्हह..
पुजारी- आअह्ह.. मज़ा आ गया..
पुजारी ने रीना को पेट के बल लिटाया और साड़ी और पेटीकोट को ऊपर करते हुए रीना के भरे-भरे और कामुक हिप्स पे किस करते हुए… मैं तो तेरे चूतड़ पे मर जाऊं.
पुजारी ने अब रीना को घोड़ी बनाया.. और उसकी गांड के छेद को चाटने के साथ में उसकी फुद्दी को अपने हाथों से रगड़ते हुए बोला अब मेरा प्रसाद लेने के लिए तैयार हो जाओ.
पुजारी ने इतना कहने के साथ धीरे-धीरे रीना की गांड में अपना पूरा लंड डाल दिया. रीना ने एक जोरदार आअह्ह.. भारी तो पुजारी बोला मेरे लंड को तेरा टाइट और चिकना पिछला द्वार बहुत अच्छा लगा.
रीना- आअह्हह.. पुजारी.. अपनी गाड़ी की स्पीड को रेस दो ना.. आअह..
पुजारी ने गांड में धक्कों की स्पीड बढ़ा दी और थोड़ी देर बाद लंड निकाल कर उसकी फुद्दी में पेलते हुए कहा- मेरी रानी.. आज से तेरे सभी छेदों में मैं ही बांसुरी बजाऊंगा.
रीना- आअह्हह्हह.. पुजारी.. मेरी योनि में बहुत.. ते…ज… खुजली हो रही है.. अपनी इस बांसुरी की धुन से.. मिटा दो मेरी खुजली.. मिटाओ ना..
पुजारी ने रीना को सीधा करके लिटाकर उसके ऊपर आते हुए अपना लंड उसकी चूत में डालने के साथ अपनी एक उंगली भी रीना की गांड में डाल दी.
रीना- आअह्हह्हह.. पुजारी.. प्यार करो इस अबला नारी को.. अपनी बांसुरी की तेज़ धुन से.. मिटा दो मेरी खुजली.. आहहह्हह्ह.. अ.आ..ए.ए..
पुजारी- आआह्हह्ह.. मेरी रानी..
रीना- ऊऊ… ह्ह्ह.. मेरे रा… ज्जाअ.. और ते…ज़.. औऊर्रर तेज.. आआ…ह्हह.. अन्दर.. और अन्दर आज्जजाआ.. आअह्ह.. प्पप.. स.स..स..
पुजारी- आह्ह…ह.. ओ…ह्हह.. रीना.. मेरी प्यारी.. मैं छूटने वाला हूँ.
रीना- आअहह्ह.. मैं भी.. आआ.. ई.. ऊऊऊ.. अपना.. प्रसाद.. अन्दर ही.. गिरा.. द.. दो
पुजारी- आह्हह..
रीना- आआह्हह्हह.. अ..अह.. अह.. अह.. अह..
इसी के साथ दोनों के कामरस का मिलन हुआ. स्वाहा.. चुद गई चुत और हो गई पूजा संपन्न.
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पड़ोसन भाभी की मस्त चूत की गर्म चुदाई
गाँव की गोरी और शहर का डॉक्टर-1
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