मम्मी की जोरदार चुदाई- 2

freesexstory.online पर मम्मी की जोरदार चुदाई के पहले भाग में आपने पढ़ा की डैड के जाने के बाद मम्मी को अकेले में नींद नहीं आ रही थी तो मम्मी मेरे रूम में आई और आज की कहानी में आप देखेगे की कैसे हम दोनों ने उनके बेडरूम में चुदाईं का तांडव मचाया और मैंने अपनी मम्मी को चोद कर संतुष्ट कर दिया।

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वो बोली- गुड आईडिया! चलो, अन्दर चलते है, और मैं और मम्मी अन्दर बेड रूम में चले गए।

मैं अन्दर सोफे पर बैठ गया और मम्मी बेड पर बैठते हुए बोली सुनील ठण्ड ज्यादा है! तुम भी बेड पर ही बैठ जाओ।

मैंने मना करने का नाटक किया लेकिन जब उन्होंने दुबारा कहा तो, मैं उनके साथ बेड पर ख़ुद को रजाई से आधा कवर करते हुए बैठ गया।

मैंने मम्मी से कहा कि, अभी हम ऑफिस की बात न करके कुछ गप शप करतें हैं और इसी के साथ इधर उधर की बाते करने लगा.

कुछ समय बाद मैंने कहा, मम्मी अगर तुम बुरा ना मानो तो क्या में आपसेएक प्राइवेट बात कह सकता हूँ!

मम्मी बोली- खुल कर कहो।

मैंने कहा- मम्मी यू आर मोस्ट ब्यूटीफुल लेडी आई इवर मेट! जब से आपको देखा है, तभी से मन ही मन आपसे प्यार करने लगा हूँ!

मम्मी यू आर रियली ग्रेट! और तुम्हारा फ़िगर तो आज भी 22 साल की लड़कियों को मात देता है।मुझे पता नहीं क्या हो गया और मैंने जल्दी जल्दी में यह सब कह दिया था।

मम्मी मुझे हँसते हुए देख बोली, तुम पागल हो गए हो जो एक बुढ़िया के दीवाने हो गए हो।

मैंने कहा- आपको नहीं पता लेकिन कोई जवान लड़की भी , आपका मुक़ाबला नहीं कर सकती! अगर आप मेरी एक बात मान लो तो मैं आपसे जिन्दगी में कुछ नहीं माँगूंगा।

मम्मी – शायरों की तरह शायरी मत करो और यह बताओ की मैं तुम्हारी क्या हेल्प कर सकती हूँ?

मैंने – मम्मी प्लीज! मैं आपको सबसे खूबसुरत मानता हूँ, और ज़िंदगी में एक बार पूरी तरह से आपको बॉडी को देखना चाहता हूँ! प्लीज! मना मत करना, नहीं तो मैं जिंदा होते हुए भी मर जाउगा।

मम्मी कुछ देर सोचने के बाद आँख मारते हुए बोली बोली- सुनील, लगता है तुम अपनी मम्मी के दीवाने हो गए हो, अगर तुम्हारी यही इच्छा है तो ओके! लेकिन, मेरे साथ कोई शरारत की तो में तुम्हारे डैड को बोल दूँगी और तुम्हारी पिटाई भी करूंगी!

मैंने कहा- ठीक है लेकिन मेरी भी एक शर्त है कि, आप शान्त बैठी रहोगी और में ख़ुद आपके कपड़े हटाकर देखूगा.

मम्मी बोली- ठिक है! यह सुनते ही मैंने मम्मी के गाऊन के पीछे का बटन खोलकर उसे उनकी कमर से नीचे लाते हुए उनकी रजाई हटाई। मेरे ऐसा करते ही वह ऊपर से सेमी न्यूड हो गई थी उनके ऊपर केवल ब्रा ही रह गई थी।

इससे एक्साइटेड होकर उसके बाद मैंने गाऊन को उनकी टाँगों से होते हुए अलग कर दिया। अब मम्मी सिर्फ़ ब्रा और पैन्टी में बेड पर लेटी थी।

अब मैंने आगे बढ़कर मम्मी की ब्रा का हुक खोल खोला तो उनकी एक चीख निकली और तुरंत ही वह चुप हो गई। इस तरह से मैंने ब्रा को उनके शरीर से अलग कर दिया।

उनके गोल और बड़े बूब्स देखकर मैं पागल हो गया और उन्हें चूम लिया। मेरे ऐसा करते ही मम्मी की सिसकारी निकल गई लेकिन अगले ही पल उन्होंने, सुनील बिहेव योरसेल्फ तुमने वादा किया था?

मैंने कहा- सॉरी मम्मी, तुम्हारे बूब्स है ही इतने अच्छे की उन्हें देखते ही मैं अपना वादा भूल गया।

अब में मम्मी की पैन्टी को निकालने लगा और उन्होंने इसमें मेरी मदद की और पैन्टी के निकलते ही मैंने मम्मी की चूत को पहली बार देखा, एकदम मखमल के जैसी चिकनी और बन्द, जैसे संतरे की दो फांकें आपस में चिपी हुई हो!

मैंने आज तक ब्लू फिल्मों में बहुत सी चूतें देखी थी जो की एकदम चौड़ी और खुली हुई होती थी, पर मम्मी की एकदम क्लीन और गोरी चूत को देखकर यह लग रहा था कि वह 34 साल की औरत की चूत ना होकर ताजमहल का टुकड़ा हो!

एक 22 साल के लड़के के सामने एक 34 साल की लड़की नंगी लेटी थी ऐसे में मेरा हाल क्या हो रहा होगा यह आप महसूस कर सकते हो।

फिर मैंने कहा, मम्मी प्लीज! मैं एक बार तुम्हारी बॉडी को महसूस करना चाहता हूँ कि, एक औरत की बॉडी के रियल टच का क्या एहसास होता है?

मम्मी – तुम्हें अपना वादा याद है ना वादा खिलाफी नहीं होनी चाहिए!

मम्मी को इस तरह सामने देखकर मेरी समझ में कुछ नहीं आ रहा था और मैंने उनके होंठों का डीप किश लेते हुए उनको उनकी पीठ से बाहों में लेते हुए उनकी पीठ पर रब करने लगा।

मम्मी मेरी हरकत पर कुछ रियेक्ट नहीं कर रही थी पर, उनके बूब्स का यह टच मुझे अंदर ही अंदर पागल कर रहा था। मुझे समझ ही नहीं आ रहा था कि वो बूब्स थे या वेलवेट की बड़ी गेंदे।

अब मैंने मम्मी को पलटते हुए उनकी पीठ पर किश करते हुए अपने दोनों हाथों से उनके बूब्स को मसलने लगा। इस दौरान मम्मी  विरोध नहीं कर रही थी पर, उनका रेस्पोंस बहुत पॉजिटिव नहीं था।

मैंने अब अपनी मम्मी को गर्म करने के लिए उनके निप्पल्स पर दांतों से काटना शुरू किया तो वो पहली बार चीखते हुए बोली, अरे काट डालेगा क्या? आराम से कर हरामी।

इतना सुनते ही मैंने अपना पायजामा और बनियान उतार दिया क्योंकि मैं समझ गया कि अब मम्मी भी गर्म हो चुकी है।

अब मैंने मम्मी के बूब्स चूसने के बाद नीचे आते हुए उनकी नाभि पर किश करना शुरू कर दिया तो, मम्मी बेड पर उछलते हुए सिसकारियाँ लेने लगीं।

उसके बाद में उनके बूब्स को दबाते हुए अपने होंठों से उनकी नाभि को चूमते हुए नीचे छूत के पास में किश करने लगा।

इसके बाद मैंने उनकी मुलायम और स्मूथ टांगो के साथ जाँघों पर भी अपना कमाल दिखाने के साथ कभी उनको चूमता तो कभी दबाता और कभी रब करता।

मम्मी उनकी चूत को छूने से पहले ही पूरी तरह से मस्त हो चुकी थी और मेरा पूरा साथ दे रही थी पर मैं इस दौरान अपने लण्ड को फुल कन्ट्रोल में में रखने के साथ मम्मी के होंठों और उंगलियों और हाथों से ही रौंद रहा था।

मम्मी मेरी इन हरकतों से पूरी तरह गर्म हो चुकी थी और सब कुछ भुलकर मस्ती और जोश के साथ मेरा साथ देते हुए चीखने लगी- अरे सुनील, अब जल्दी से मेरे ऊपर भी आ जा यार प्लीज! मुझे ऐसे मत तड़पा!

मैंने मम्मी को तड़पाने के लिए जैसे ही कहा- जस्ट वेट मैं तैयार हो रहा हूँ एक मिनट रुको मैं भी आता हूँ।

तभी मम्मी ने मेरा अंडरवियर नीचे खिसकाते हुए- अबे मादरचोद अपनी मम्मी की बात नहीं मानेगा? इतना कहने के साथ ही मेरा लण्ड पकड़ कर जोर से दबा दिया और मम्मी के ऐसा करते ही मेरी तो चीख निकल गई।

अगले ही पल मैंने मम्मी की दोनों टाँगों को दूर किया और उनकी राईट थाई पर बैठते हुए उनके चूतड़ को दोनों हाथों से धकेलते हुए अपना लण्ड उनकी चूत के पास ले जाकर एक जोर का धक्का दिया और मेरा आधा लण्ड उनके चूत में समा गया।

ऐसा करते ही मेरी चीख निकल गई और मम्मी आँह भरने के साथ मेरे अगले एक्शन का इंतज़ार करने लगी की तभी मैंने एक और ज़ोरदार धक्के के साथ अपने लण्ड को पूरा अंदर कर दिया।

कुछ समय बाद मैंने धीरे-धीरे अपने लंड को उनकी चूत के अन्दर बाहर करना शुरू किया और मम्मी की दूसरी जाँघ को पकड़कर अपने कंधे से सटाकर पकड़ते हुए राईट थाई पर बैठ कर उनकी चुदाई शुरू कर दी.

मेरे ऐसा करते ही मम्मी को तो मानो मजा ही आ गया और वह हर तरह से मेरा सहयोग करने लगीं।इसी के साथ चुदाई का म्यूजिक शुरू हो गया।

इस म्यूजिक की आवाज कुछ इस तरह से थी – मम्मी शश!! अह्ह!! ब..हु…त   म…जा आ र…हा है अपना लंड अन्दर तक घुसा कर जोड़ से चोद मुझे।

आज बहुत दिन बाद फिर से जवानी वाला मज़ा आया है। आज तूने फिर से मुझे अपनी जवानी के दिन याद दिला दिए!

मैं भी बहुत जोश के साथ चुदाई कर रहा था।

मैं भी जोश में आकर बोला- आज तो तुम्हारी चूत की धज्जियाँ उड़ा दूँगा। आज के बाद तू हर वक्त मेरा ही लण्ड अपनी चूत मे डलवाने को तड़पा करेगी।

मम्मी- आह्ह!! आयीई!! क्या मज़ा आ रहा है, फ़क मी हार्डर सू…नील  कम ऑन और फर्स्ट यू आर माई डार्लिंग।

वह चिल्ला रही थी- आअह गुड। म्मम!! आह!! उह!! म्म!!

कुछ देर ऐसे ही चोदने के बाद अचानक मुझे मेरे लंड पर दबाव महसूस हुआ और मम्मी बोली- सुनील अब बस आ….ह… धीरे-धीरे कर दे … मेरा तो पानी निकाल दिया तूने।

मैंने स्पीड थोड़ी कम कर दी और अब मम्मी और मैं थकने भी लगे थे।

अचानक मेरा सारा रस लण्ड के रास्ते से मम्मी की चूत की घाटी में आ गया और हम दोनों एक दूसरे से चिपक कर लेट गए।

सुबह जब सुबह 6:00 बजे मेरी नींद खुली तो मेरा लण्ड मम्मी की चूत में वैसे ही पड़ा था।

मैंने मम्मी को जगाया तो वह शर्माते हुए बोली- सुनील तुम तो एकदम जवान हो गए हो और अपने साथ  इस 34 साल की बुढ़िया को भी जवान बना दिया!

इतना कह मम्मी ने मुझे अपने उपर लिटाया और मुझे किश किया तो मैंने भी मम्मी के माथे, बूब्सर, नाभि पर किश की और उनके बगल में ही लेट गया और सुबह तक एक साथ लिपट कर चिपक कर सोए रहे।

तो दोस्तो, ये थी मेरी और मेरी मम्मी की चुदाई की कहानी. यह कहानी आपको कैसी लगी इसके बारे में ज़रूर बताये?

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