FreeSexStory
  • Home
  • category
    • Aunty Sex
    • bhai bahan
    • Family Sex
    • maa-beta
    • Office Sex
    • Baap Beti
    • padosi
No Result
View All Result
  • Home
  • category
    • Aunty Sex
    • bhai bahan
    • Family Sex
    • maa-beta
    • Office Sex
    • Baap Beti
    • padosi
No Result
View All Result
FreeSexStory
No Result
View All Result

गाँव की गोरी और शहर का डॉक्टर-2

by freesexstory.co.in
June 15, 2026
in Office Sex
419 4
1
Share on FacebookShare on Twitter

आज की इस कहानी में एक डॉक्टर साहब और गाँव की गोरी के बीच की सेक्स की कहानी के पहले भाग से आगे की कहानी के बारे में बताया गया है।

कहानी का पिछ्ला भाग: गाँव की गोरी और शहर का डॉक्टर-1

You might also like

गाँव की गोरी और शहर का डॉक्टर-1

June 20, 2026

परंतु अगले ही पाल उसने कहा – “डॉक्टर साहब मुझे बहुत डर लग रहा है, मेरी इज़्ज़त से मत खेलिए ना! जाने दीजिए, मेरा बदन उईइ माँ!”
मैंने उसे यकीन दिलाते हुए कहा – “मुझ पर विश्वास करो गोरी … यह एक मर्द का वादा है तुझसे! मैं सब देख लूंगा। तेरा बदन तड़प रहा है एक मर्द के लिए, तेरी चूत का यह बहता हुआ पानी, तेरे कसते हुए बूब्स साफ़-साफ़ यह कह रहे हैं कि अब तुझे एक अच्छी चुदाई चाहिए।”
“साहब।”
“हाँ गोरी मेरी रानी, बोल?”
उसने आँखो में प्रश्न लेते हुए मुझसे पूछा – “मैं माँ बनूँगी ना?”
“हाँ!”
“मेरा मर्द मुझे अपने साथ रख लेगा ना। मुझे मारेगा तो नहीं ना!”
“हाँ गोरी, तू बिल्कुल चिंता ना कर।”

मेरे सवालों से कुछ हद तक संतुष्ट होकर उसने कहा – “तो साहब फिर अपनी फ़ीस ले लो आज रात, मेरी जवानी आपकी है।”
“ओह! मेरी गोरी आ जा!”

मेरे ऐसा कहते ही हम दोनों फिर लिपट गए और उसी के साथ मेरा लण्ड विशाल हो उठा।

गोरी ने कहा – “डॉक्टर साहब में शादीशुदा होते हुए भी बहुत प्यासी हूँ। आज तक किसी मर्द ने मेरे इस बदन को सींचा नहीं है! आज आप मेरे इस तन-बदन की आग को बुझा दो साहब!”
इतना सुन मैंने गोरी से कहा – “तो फिर आ जा और मेरी जाँघों पर अपने चूतड़ राख दे और लिपट जा मेरे बदन से!”

बस फिर क्या था थोड़ी देर बाद ही मेरे हाथ तुरंत ही मेरी कमीज़ के बटनों से खेलते हुए कमीज़ और फिर मेरी पैंट को उतारने में लग गए। मैंने देखा गोरी की नज़र उस वक़्त मेरे बदन को घूर रही थी।
इससे पहले की मेरा मेरा अंडरवियर फट जाता, मैंने उसे उतार दिया।

और फिर मेरे सीधा होते ही मेरे लण्ड ने अपनी पूरी खूबसूरती से अपने होने वाले शिकार को अपने पूरी लंबाई और बड़े टमाटर जीतने लाल सुपारे के साथ तनते हुए उठकर सलाम किया।

और मेरे ऐसा करते ही गोरी ज़ोर से चीखते हुए अपने बिस्तर से उठकर नंगी ही दरवाज़े की तरफ़ भागी।
“क्या हुआ गोरी?” मैं घबराकर अपना तना हुआ लण्ड लेकर उसकी तरफ़ दौड़ा।
“नहीं, मुझे कुछ भी नहीं करवाना। नहीइई मुझ … मुझे जाअ… जाने दो।” गोरी फिर चीखी।
लेकिन मैंने उसकी और बढ़ते हुए कहा “क्या हुआ गोरी?”

“साहब आपका ये ल ल लण्ड … ये लण्ड तो बहुत बड़ा और मोटा है ब बा बाप रे!! यह तो बिल्कुल गधे के जैसा लग रहा है … नहीं यह तो मुझे चीर डालेगा।”

मैंने उसे समझाते हुए कहा घबराओ मत! “और इधर आओ, असली मोटे और मज़बूत लण्ड ही योनि को चीर पाते हैं! गौर से इसे इसे छूकर देखो। इसे प्यार करो और फिर देखना कि यह तुम्हें किस तरह से पागल कर देगा।”
“डॉक्टर साहब, है तो बड़ा ही प्यारा और बेहद सुंदर सा! मेरा तो इसे देखते ही चूमने का मन कर रहा है उफ़्फ़्फ़्फ़! कितना बड़ा है पर साहब, ये मेरी चूत में कैसे घुस पाएगा इतना मोटा? इससे तो मैं मर जाऊँगी। राजन का लण्ड तो इसके सामने बहुत ही छोटा है जब वो ही नहीं जाता है मेरी छूत में तो ये कैसे जाएगा?”

“यही तो कुशल मर्द की संभोग कला कौशल है , चूत को खोलना और उसे ढंग से चोदना हर मर्द के बस की बात नहीं! वो भी तेरी चूत जैसी कुँवारी और क़रारी! तू डर मत, बस शुरू में थोड़ा सह लेना और फिर देखना तू चुदवाते हुए थक जाएगी पर तेरा मन नहीं भरेगा।”

“चल अब आ भी जा मुझसे और मेरे लंड से खेल अब सहा नहीं जा रहा है। ऐसा  कह कर मैंने उसे बांहों में उठाते हुए बिस्तर पर लिटा दिया।

रस से उसकी चूत के साथ घुटनों तक जांघें भी भीग चुकी थी, उसके बूब्स बड़े और एकदम सॉलिड हो गये थे, जो कि उसकी जोर से चल रही साँस के साथ ऊपर नीचे हो रहे थे।

मैंने तुरंत ही बिस्तर पर चढ़ते हुए उसके सीने पर बैठ उसके उन्नत और उठे हुए बूब्स के बीच में अपने लंबे खड़े लण्ड को बिठाया और दोनों बूब्स हथेली से दबा दिए। ऐसा करते ही मेरा लण्ड उसके बूब्स के बीच में फंस गया। अपनी उंगलियों से में उसके बूब्स के निप्पल के साथ उसके बूब्स को मसलने के साथ लण्ड से उसके संकरे क्लीवेज को चोदने लगा।

ऐसा करते हुए ऊपरी भाग में लण्ड का नंगा लाल सुपारा उसके होंठों से छुता और अंडाशय में नाभि की छुवन। कुछ समय बाद उत्तेजना में आकर गोरी ने चिल्लाने के लिए अपना मुँह खोला तो मेरे लण्ड का सुपारा उसमें जाकर अटक गया और वो गों … गो … गू … गूओ … की आवाज़ करने लगी।
मैंने मोके का फ़ायदा उठाते हुए ज़ोर लगाया तो लगभग आगे से 2-3 इंच लण्ड उसके मुँह में घुस गया और थोड़ी देर की कशमकश के बाद हमारे बीच सब सेट हो गया और मैं स्वर्ग में था।

अब मेरे लण्ड ने स्पीड पकड़ ली, गोरी का मुँह भी मेरे सुपरे को मस्त चूस रहा था, और सुपरा अंदर तक जाकर उसके गले तक हिट कर रहा था।

कामुकता से गोरी के स्तन और भी बड़े, विशाल हो गये थे। अब मैं हल्का सा उठ कर आगे को सरका और गोरी के बूब्स पर बैठ गया और मैंने जितना संभव था, लण्ड उसके मुँह में घुसा दिया।

मेरी जाँघों के बीच कसा हुआ उसका पूरा बदन अब बिना पानी की मछली की तरह तड़प रहा था।

थोड़ी देर के बाद मैंने लण्ड को गोरी के मुँह से निकाला तो उसने मेरे दोनों टट्टों को चाटना शुरू कर दिया और बीच में वह मेरे लंबे लण्ड पर अपनी जीभ फिराती तो कभी सुपारे को चाट लेती।

थोड़ी देर के बाद मैंने 69 की पोजीशन ले ली ऐसा करने से उसे मेरे काम अंगों और आस-पास तक पूरी पहुँच मिल गयी, उसने बड़े प्यार से मेरे चूतड़ को हाथों में लेते हुए मेरी गांड के छेद पर जीभ से चाटा। इसी दौरान मैंने भी उसकी चूत को अपनी जीभ से चाटा और चोदा।

एक बात थी, उसकी चूत की कसावट ऐसी थी की मेरी जीभ तक उसमे नहीं घुस पा रही थी … मुझे ऐसा लगा कि कहीं वो मेरा लण्ड घुसवाते समय मर ना जाए!

अब में उत्तेजित हो गया और उसे पलटकर उसके बड़े बड़े गोल गोल चूतड़ चूसे और चाटे, इस दौरान गोरी ज़ोर से सिसकारी भरती और बीच-बीच में चिल्ला भी उठती थी। अब उसने अपने हाथों से मेरे लंड को पकड़ चिलाते हुए कहा- डॉक्टर साहब, मेरे ऊपर चड़कर मुझे चोद दो … और अपना लंड घुसा दो, नहीं तो मैं मर जाऊँगी।
“चाहे मैं मर ही क्यों न जाऊं पर आप अपना ये मोटा सा लोहे का डंडा मेरे अंदर डाल दो। “देखो मेरी चूत कैसे गर्म होकर लाल हो गई है! अपने हथौड़े से इसकी आग को ठंडी कर दो।”
“देखो क्या मर्दाना लण्ड है आपका … कोई भी लड़की इसे देखते ही मतवाली हो जाए और अपने कपड़े खोलकर आपके बिस्तर पर लेट जाए. आओ, आ जाओ घुसा दो उफ़्फ़!”

गोरी की यह बाते सुनते हुए मेरा लण्ड भी अब कामुकता की सारी हदें पर कर चुका था, मैं तुरंत ही उसकी टांगों के बीच में बैठा और उसकी टांगों को हवा में पूरी तरह खोल कर उठाते हुए उसकी कमर पकड़ कर चूत पर अपने लौड़े को रखा और आहिस्ता से पर ज़रा कस कर दबाया।
गोरी की कुंवारी चूत उस समय इतनी चिकनी थी कि लण्ड का सुपारा घुस ही गया और उसी के साथ निकली गोरी की चीख- आह मर ररर… मर गई डॉक्टर साहब!

मैंने लंड को अपने हाथ से पकड़कर थोड़ा और घुसाते हुए कहा, “घबराओ नहीं मेरी जान!” वो दर्द के मारे छिलाते हुए मुझे धक्का देने लगी। लेकिन मैंने उसे ज़बरदस्ती नीचे पटक कर उस पर लेटते हुए अपनी छाती से उसके बूब्स को मसलते हुए आधे घुसे लण्ड को एक ज़बरदस्त शॉट मारा।
उसी के साथ वो इतनी ज़ोर से चीखी जैसे किसी ने उसे मार ही डाला हो! उसका शरीर भी तड़प उठा और उसने मुझे कस कर जकड़ लिया था। अब मेरे लण्ड क़रीब 6 इंच अंदर घुसा हुआ था को महसूस हो रहा था कि उसकी कौमार्य की झिल्ली जो तनी हुई थी और अभी फटनी बाक़ी थी।

थोड़ी देर बाद वह शांत सी हुई और बोली- डॉक्टर साहब, मुझे छोड़ दो, मैं नहीं सह पाऊँगी आपका लण्ड।
मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रखे और एक ज़बरदस्त चुम्बन दिया जिससे उसके कठोर बूब्स बुरी तरह कुचल गये थे और उसने अपनी लंबी बांहों से एक बार फिर मुझे लपेट लिया और अपनी टांगों से लिपटते हुए ठीक से चुदने के लिए पोजीशन लेने लगी।

थोड़ी देर बाद जब वो दर्द भूल गई है तो अचानक मैंने अपने लण्ड को थोड़ा सा बाहर निकालते हुए आख़िरी शॉट मारा। मेरे लण्ड का यह प्रहार इतना शक्तिशाली था कि वो उसके सामने पस्त हो गई, एक और चीख के साथ एक हल्की सी आवाज़ और उसके साथ शादी के एक साल बाद एक दूसरे मर्द से उसका कौमार्य आज फट गया था और इसी के साथ उसका ओर्गास्म भी हो गया।
उसकी चूत से रस की धार बह निकली और वह बूरी तरह हाँफ़ रही थी।

अब गोरी की चूत पूरी लसीली थी किंतु मैं अभी तक नहीं झड़ा था, मैंने ज़ोरदार धक्कों के साथ उसे चोदना शुरू किया, उसकी चूत की दीवारे बहुत टाइट थी जिससे रगड़ ख़ा के मेरा लण्ड छिल जा रहा था। लेकिन मैं उसे बूरी तरह चोदता रहा।

फिर मैंने लण्ड उसकी चूत से खिंचा जिससे ऐसी आवाज़ आई जैसे सोडा वाटर की बोतल खोली हो।
मैंने उसे तुरंत ही डॉगी स्टाइल में करते हुए पीछे से लण्ड उसकी चूत में डाला और फिर से उसे चोदने लगा। अब गोरी भी मस्ती में आ गई और मुझे और ज़ोर से चोदने के लिए उकसाने लगी- चोदो मुझे, फाड़ दो मेरी! डॉक्टर साहब, छोड़ना मत मुझे… बुरी तरह फाड़ दो मुझे! और ज़ोर से चोद दो मुझे … मैं दासी हूँ आपकी! हर रोज सेवा करूँगी, रात दिन आपके सामने बिल्कुल नंगी होकर रहूंगी, “जब भी आपका लण्ड चाहेगा तब चुदवाने के लिए आपके बिस्तर पर लेट जाऊँगी। पर मुझे ख़ूब चोदो साहब … और ज़ोर से … और तेज़ी से चोदो साहब।
उस रात मैंने गोरी को कम से कम तीन बार चोदा।

दूसरे दिन दोपहर में मैंने ठकुराईन को क्लिनिक में बुलाया और उसे बताया कि चेकअप हो गया है और शाम को एक छोटा ऑपरेशन होगा और कल आपकी बहू आपके घर चली जाएगी।
ठकुराईन संतुष्ट हो हवेली चली गई.

आज रात जब में घर पहुचा तो गोरी ख़ुद चुदवाने के लिए उतावाली हो रही थी क्योंकि उसे भी पता था कि कल उसे वापस हवेली जाना है और उसके पास मुझसे चुदने के लिए आज की रात ही बची है। उसने आज चुदाई के दौरान कामवासना में मेरे मन की हर एक चीज करने दी। हमने इस दौरान एक दूसरे के अंगों को ख़ूब चूसा, प्यार किया, सहलाया और जी भर के देखा।

इसी के साथ मैंने गोरी को हर तरह से कई पोज़ में चोदने के साथ में आने वाले दिनों में उसे अपने ससुराल में कैसे रहना है और क्या करना है यह सब भी समझा दिया।

दूसरे दिन में राजन से मिला और उसे समझाते हुए कहा- गोरी का ऑपरेशन हो गया है!
“पर तुम जल्दबाज़ी मत करना … अभी एक महीने गोरी से दूर रहना! और इसे बीच-बीच में मेरे पास चेकअप के लिए भेजते रहना, क्योंकि यह बहुत सावधानी का काम है!”
राजन ने कुछ असमंजस से हाँ भरी और गोरी को ले गया।

अगले एक महीने तक गोरी मेरे प्लान के अनुसार सप्ताह में 2 दिन शाम के वक़्त जब मरीज़ नहीं होने तो क्लिनिक में आती, और रात 8-9 बजे तक में उसकी ख़ूब चुदाई करता, गोरी भी ख़ूब मस्ती के साथ मुझ से चुदती।

दो महीने में मैंने उसकी चूत का भोसड़ा बना दिया और इसी के साथ उसका गर्भ ठहर गया। मैंने गोरी को समझा दिया कि वह अब राजन से चुदवाए। अब राजन का लण्ड आराम से गोरी की चुत में चला जाता इससे राजन भी बहुत ख़ुश था कि डॉक्टर साहब के कारण ही अब वह अपनी बीवी को चोद पा रहा है, गोरी तो पहले से ही मेरी दीवानी बन चुकी थी।

कुछ समय बाद जब ठकुराईन को पता चला कि गोरी के पाँव भारी हो गये हैं तो उसने क्लिनिक में आ मेरा शुक्रिया अदा किया।

आपको यह कहानी कैसी लगी इसके बारे में आप मुझे मेरी mail id – maheshsrivastava53@gmail.com पर संपर्क कर बता सकते है।

  • बहन के साथ चूत चुदाई का मजा-1
  • बहन के साथ चूत चुदाई का मजा-2

आपकी कहानी, आपकी पहचान!
क्या आपके जीवन में कोई यादगार घटना, प्रेम कहानी, रोमांचक अनुभव या कल्पनाशील कथा है? उसे हमारे पाठकों के साथ साझा करें। चुनी गई कहानियाँ हमारी वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएँगी।

📧 अपनी कहानी भेजें:
freesexstory.co.in@gmail.com

लेखक बनने का मौका पाएँ और अपनी कहानी हजारों पाठकों तक पहुँचाएँ! ✍️✨

Related Stories

गाँव की गोरी और शहर का डॉक्टर-1

by mahesh srivastava
June 20, 2026
6

आज की इस कहानी में एक डॉक्टर साहब गाँव में रहने वाली गोरी को अपना दिल दे बैठे लेकिन उनकी...

Next Post

सौतेली माँ और सौतेली नानी की चुदाई

Categories

  • Aunty Sex
  • Baap Beti
  • Bhabhi Sex
  • bhai bahan
  • Family Sex
  • maa-beta
  • Office Sex
  • padosi
  • Teacher Sex

Popular Story

  • दोस्त की बहन, बुआ और माँ की चुदाई-6

    629 shares
    Share 252 Tweet 157
  • पापा ने मुझे xxx मूवी दिखा कर चोदा

    601 shares
    Share 240 Tweet 150
  • दोस्त की बहन, बुआ और माँ की चुदाई-5

    600 shares
    Share 240 Tweet 150
  • दोस्त की बहन, बुआ और माँ की चुदाई-2

    595 shares
    Share 238 Tweet 149
  • दोस्त की बहन, बुआ और माँ की चुदाई-1

    595 shares
    Share 238 Tweet 149
freesexstory

© 2026 freesexstory.online - All Rights Reserved

  • Home

No Result
View All Result
  • Home
  • category
    • Aunty Sex
    • bhai bahan
    • Family Sex
    • maa-beta
    • Office Sex
    • Baap Beti
    • padosi

© 2026 freesexstory.online - All Rights Reserved

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?