चचेरी बहन के साथ सेक्स किया (Chacheri Behan Ke Sath Sex kiya): आप सभी का freesexstory.online पर स्वागत है, आज की इस स्टोरी में मेरे और मेरी चचेरी बहन के सेक्स के बारे में बताने जा रहा हूँ कि कैसे वह शहर में पढ़ने आई तो हमारे बीच में 8 साल तक सेक्स चला।
मैं आज की इस स्टोरी में अपने जीवन के पहले सेक्स एक्सपेरियंस के बारे में आपके साथ शेयर करने जा रहा हूँ। ये मेरे जीवन में घटी सच्ची कहानी है। मेरी चचेरी बहन गांव में रहती थी वहाँ पर इंटर की पढ़ाई नहीं होने के लिए अपनी आगे की पढ़ाई के लिए हम लोगो के पास शहर मे आई थी।
जब उसने इंटर मे दाखिला ले लिया तो मैं ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा था। मेरे पिताजी की सरकारी नौकरी होने के कारण हम लोग शुरू से शहर में रहते थे। मेरी चचेरी बहन मुझसे करीब 6 साल छोटी थी।
कॉलेज में पढ़ाई के दौरान शुरू मे तो मेरे मन में किसी प्रकार का कोई ख़्याल नही था, मगर कुछ दिनों के बाद धीरे-धीरे मेरा मन सेक्स की तरफ़ होने लगा। हम लोगो के घर में सोने के लिए एक एक ही बेड था।
मैं हर रोज अपनी बहन के बगल मे ही सोया करता था। रात मे सोने के दौरान मेरे हाथ कई बार उसके पेट को छूते थे। धीरे-धीरे मुझे उसके बदन को छूने से उसकी और आकर्षण महसूस होने लगा लेकिन उसके बारे मे मुझे कुछ पता नही पता था।
एक दिन मैंने उसके बारे में पता करने के लिए उसके स्तन को छुआ तो उसने हल्का विरोध किया तो मैंने तुरंत ही अपना हाथ उसके स्तन से हटा लिया। मैंने एक बार और कोशिश की लेकिन उसने फिर से मेरा हाथ हटा दिया मगर कुछ कहा नही, मुझे भी मेरी मम्मी के बगल में सोने के कारण से डर लग रहा था।
मैंने दूसरे दिन भी फिर से कोशिश करते हुए उसके स्तन को हाथों से छूने के साथ में थोड़ा दबा भी दिया इस बार उसने मेरा हाथ नहीं हटाया तो मैंने धीरे-धीरे उन्हें दबाना शुरू किया तो थोड़ी देर में उसे भी आनंद आने लगा।
अब तो यह कार्यक्रम हर दिन का हो गया था। एक दिन उसने आख़िर में मुझसे पूछ लिया की आप हर रात को ऐसा क्यों करते है तो मैंने जवाब में उसी से पूछ लिया- क्यों तुम्हे पसंद नही है? जवाब में उसने कहा नही ऐसी कोई बात नही मगर अगर किसी को इसके बारे में पता चलेगा तो क्या होगा।
मैंने उसके इस संशय को दूर करने के लिए कहा किसी को भी पता नही चलेगा और अगर तुम साथ दो तो कुछ भी नही होगा। उसने अपना सर हिलाते हुए हामी भरी। अब हम दोनों ही इस मौके का इन्तज़ार करने लगे जब घर पर कोई ना हो हम दोनों के सिवा और हमे जल्द ही यह मौका भी मिल गया।
मैंने एक दिन उससे अकेले में कहा- मैं तुम्हारे स्तन देखना चाहता हूँ उसने पहले तो मना कर दिया लेकिन थोड़ी देर मनाके पर आख़िर में अपनी हामी भर दी। जब मुझे उसकी और से ग्रीन सिग्नल मिल गया तो मैंने धीरे से उसके सलवार और ब्रा को उपर किया।
सलवार-ब्रा के ऊपर करते ही मैंने देखा की मेरी आँखों के सामने दो मस्त और टाइट गोल-गोल स्तन थे मैंने आज से पहले किसी के स्तन इस प्रकार से नहीं देखते थे तो मैंने अपने दोनो हाथों से उन्हें दबाना शुरू कर दिया।
मेरे स्तन दबाने से शायद उसे भी उस समय अच्छा लग रहा था और वो भी कुछ ज़्यादा ही उत्तेजित हो रही थी। काफ़ी दिनों हम दोनों के बीच में ऐसे ही चलता रहा मगर ऐसा करने से अभी मेरी असली प्यास अभी नही बुझी थी, अब मेरा मन उसको चोदने का करने लगा था।
एक दिन मैंने कहा की ये सब करते हुए काफ़ी दिन हो गए क्यों ना ज़िंदगी का असली मज़ा लिया जाए, उसने मेरी और देखते हुए कहा- क्या ? मैंने जवाब में कहा ज़िंदगी का सुख तो चुदाई मे हैं जो कि हर आदमी और औरत की सबसे बड़ी ज़रूरत है।
जवाब में उसने कहा लेकिन इसमे कोई रिस्क तो नही है ना?
मैंने कहा- नहीं, हम दोनों सावधानी के साथ करेंगे। मेरे कहने के बावजूद उसे चुदाई करवाने में काफ़ी डर लग रहा था और वो हिम्मत नही जुटा पा रही थी। मैंने अपना प्रयास जारी रखा और कई दिनों तक समझाने के बाद उसे जब विश्वास हुआ तो उसने हामी भर दी।
हम लोग अब एकांत का इंतेज़ार करने लगे। एक दिन जब मेरी मां और बहन बाज़ार गये और हम दोनो घर मे अकेले थे तो मुझे मौक़ा मिल गया और मैंने उससे कहा क्यों ना अपनी ज़िंदगी की प्यास भुझा ले।
उसने भी दबी ज़ुबान मे अपनी हाँ का इज़हार कर दिया और उसके हाँ कहते ही मैंने धीरे-धीरे उसके सलवार और पायजामा खोला तो वो ब्रा और पेण्टी मे मेरे सामने थी. उसका वह नंगा बदन मानो अप्सरा के बदन जैसा लग रहा था, वह मुझे ऐसे अपने बदन को निहारता देखकर शर्मा रही थी और अपने चेहरे को अपने हाथों से ढके हुए उँगलियों की दरारों से मुझे देख रही थी।
मैंने अब धीरे-धीरे अपने कपड़े भी उतार दिए और उसके स्तन को मस्ती के साथ में दबाना शुरू किया तो उसे भी मजा आने लगा. अब मैंने उसकी ब्रा को खोल दिया और मेरे सामने उसके संतरे जैसे दो मस्त स्तन थे।
मैंने उसे तैयार करने के लिए उन्हें अपने होंठों में लेते हुए चूसना शुरू किया, मेरे ऐसा करने से उसे अच्छा लगने लगा और वह उत्तेजित होने लगी और आँहे भरने लगी तो मैं भी उसकी चुदाई के लिए उत्तेजित होने लगा था।
मैंने उसे चूमते हुए जब उसकी पेण्टी को उतारा तो मेरे सामने मानो जैसे दुनिया की सबसे हसीन चीज़ नज़र आने लगी, मैंने उस दिन से पहले किसी भी लड़की को ऐसे नंगा नही देखा था। अब मैंने अपना लंड उसके मुंह मे दे दिया।
पहले तो वह इसके लिए नहीं मानी और काफ़ी मना किया लेकिन मेरे बहुत मनाने के बाद वो मान गई और मेरे लंड को धीरे-धीरे बिना मन के ही चूसना शुरू कर दिया. उसके लंड चूसने से तो में मानो की सातवे आसमान मे ही सफ़र करने लगा था।
अपने लंड की चुसाई के उस अहसास को में अपने शब्दों में बयान नही कर सकता. थोड़ी देर में उसे भी मेरा लंड चूसने में मजा आने लगा और उसके चूसने से मेरा लंड काफ़ी टाईट हो गया तो मैंने उसे बिस्तर पर लेटाया और उसे उसकी बुर मे धीरे-धीरे से डालना शुरू किया।
मेरे ऐसा करने से उसकी तकलीफ़ उसके चहरे पर मुझे महसूस हो रही थी। किसी मर्द का लंड उसकी बुर में पहली बार जो जा रहा था तो दर्द तो होना ही था. मैंने उसकी तकलीफ़ को समझते हुए आहिस्ता-आहिस्ता से अपने लंड को पूरा अंदर तक डाल दिया और कुछ देर में उसे भी मज़ा आने लगा।
जब मैंने देखा कि उसे मजा आ रहा है तो में झटके मारने लगा और वह थोड़ा ऊऊऊ आआआ ईईई आह्ह आह्ह की आवाज़ के साथ नीचे से अपनी पहली चुदाई का मजा लेने लगी, मैं भी इस मौक़े को यूँ ही छोड़ना नही चाहता था और हम दोनों ने ही उस दिन क़रीब 1 घंटे तक अपनी जवानी का मज़ा लिया।
उस दिन की चुदाई के बाद तो जैसे हम दोनों की चाहत बढ़ती गई और हम लोग रात मे भी किसी को पता लगे बिना जब मन होता तब ही चुदाई करने लगे. घर मे जब कोई तब तो हमे मजे ही आ जाते थे।
इस तरह से हम दोनों ने ही क़रीब 8 साल तक एक दूसरे के साथ अपनी जवानी का मजा लिया लेकिन कुछ महीनों पहले उसकी शादी हो चुकी है मगर मैं अभी भी कुंवारा हूँ।
में जब भी हम दोनों की चुदाई के दिनों के बारे मे सोचता हूँ तो आज भी मेरा दिल रोमांचित हो जाता है और मेरा लंड खड़ा हो जाता है।
एसी ही मस्त स्टोरी पढ़िए freesexstory.online पर।
- पड़ोसन भाभी की मस्त चूत की गर्म चुदाई
- बहन के साथ चूत चुदाई का मजा-1
- गाँव की गोरी और शहर का डॉक्टर-1
- रीना और पुजारी की चुदाई-1
- मम्मी की जोरदार चुदाई- 1
आपकी कहानी, आपकी पहचान!
क्या आपके जीवन में कोई यादगार घटना, प्रेम कहानी, रोमांचक अनुभव या कल्पनाशील कथा है? उसे हमारे पाठकों के साथ साझा करें। चुनी गई कहानियाँ हमारी वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएँगी।
📧 अपनी कहानी भेजें:
freesexstory.co.in@gmail.com लेखक बनने का मौका पाएँ और अपनी कहानी हजारों पाठकों तक पहुँचाएँ!