मौसी के साथ मस्त चुदाई की (Mausi Ke Sath Mast Chudai Ki): मेरा नाम राजेश है और में पटना बिहार से मेरे और मेरी मौसी के बीच में मामा के लड़के के बर्थडे पर कैसे चुदाई की घटना घटी इसके बारे में एक सेक्सी स्टोरी लेकर आया हूं।
हाय, freesexstory.online के मेरे सभी प्यारे दोस्तो। सबसे पहले तो आप सभी आंटियों, भाभियों और लड़कियों के साथ मेरे सभी दोस्तों को भी मेरा दिल से नमस्कार।f
अब में आपको मेरे साथ हुई उस घटना के बारे में बताता हूँ। यह बात आज से करीब नो महीने पहले की बात है उस समय मेरी उमर 24 साल थी और में अपने मामा के घर पर उनके बेटे की बर्थडे पार्टी के लिए गया था।
मेरे ननिहाल में मामा, मामी, नाना, नानी और मामी के कुछ रिश्तेदार भी आए हुए थे और पार्टी ख़त्म होने के बाद में सभी एक कमरे में बैठकर बाते कर रहे थे।
मैंने वहाँ पर बैठे हुए जब लेडीज को बाते करते हुए कान लगाकर सुना तो पता चला की वे सभी एक दूसरे के साथ में हुए सेक्स और उससे ही संबंधित गरमा-गरम बाते कर रही थी और मेरी मौसी जिनकी की उम्र 33 साल की थीं वह भी वही पर बैठी थी।
मुझे उस समय रात ज़्यादा होने की वजह से नींद आ रही थी और कुछ देर बाद भी जब उनकी बाते ख़त्म ही नहीं हुई तो मैंने कहा की आप लोग बाहर गेस्ट रूम में जाकर गप्पे लगा लो मुझे यहाँ पर सोना हैं।
मामी ने जब यह सुना तो मुझसे कहा कि तुम ऊपर वाले कमरे में जाकर सो जाओ और साथ मैं मौसी से भी कहा कि तुम भी जाकर सो जाओ, यहाँ पर हम लोगो की बाते तो पता नहीं कब तक चलेगी।
मामी के कहने पर में और मौसी ऊपर कमरे में गये तो वहां पर भी कई बच्चे और कज़िन सो रहे थे। हम दोनो ने भी कमरे में एक कौना ख़ाली देखा तो एक किनारे लेट गये और सोने की कोशिश करने लगे।
में सोने की कोशिश तो कर रहा था पर मुझे अब नीचे मामी और दूसरी लेडीज की बाते याद आने लगी और इस वजह से नींद नही आ रही थी और में उनके बारे में सोच-सोचकर कामुक हो रहा था और पास में ही सो रही मौसी के बड़े बड़े बूब्स को देख रहा था।
थोड़ी देर ऐसे ही लेटने के बाद मौसी ने उठकर लाइट ऑफ कर दी और मेरे पास में आकर लेट गई। अगले 20-25 मिनट तक में सेक्स के बारे में ही सोचता रहा और ऐसे ही सोचते हुए हिम्मत जुटाकर मौसी के कमर पर अपना हाथ रख दिया तो मौसी ने कुछ नहीं कहा।
थोड़ी देर उनकी कमर पर हाथ रखते हुए में वहाँ पर अपनी उँगलियाँ फिरा रहा था हल्के-हल्के और मेरा मूड बनता जा रहा था तो मैंने उत्सुकतावश अपना हाथ धीरे-धीरे ऊपर की और ले जाते हुए मौसी के बूब्स के ऊपर रख दिया।
मेरे हाथ को अपने बूब्स पर महसूस कर वो थोड़ा हिली जरूर पर उन्होंने किसी भी तरह से मेरा हाथ हटाने की कोशिश नहीं की तो मैने थोड़ी देर बाद भी जब वो कुछ नहीं बोली तो मैने उनके बूब्स को हल्के हाथों से उनके ऊपर के दानों पर अपनी उँगलियाँ फिराने लगा तो उनके शरीर में हल्के-हल्के झटके जैसे लगने लगे और कुछ देर बाद वो धीरे से बोली राज, ये तुमने कहाँ से सीखा?
मैने मौसी की बात का कोई जवाब नहीं दिया बल्कि अब उनके बूब्स को दबाना शुरू किया और कुछ देर बाद में धीरे-धीरे से उनके कुर्ते को उठाने लगा तो उन्होने मेरा किसी प्रकार से विरोध नहीं किया।
अब मुझे पक्का यकीन हो गया था कि मौसी भी नीचे उन लेडीज के बीच में चल रही सेक्सी बातो से गरम हो गई है और ऊपर से उन्हें कोई लड़का भी पसंद नहीं आता था शादी के लिए तो हो सकता है कि वे सेक्स की कल्पना में डूबी हुई हो।
मैंने जैसे ही यह सोचा तो में और ज़्यादा उत्तेजित हो गया और अब उनकी ब्रा के उपर से ही उनकी बड़ी-बड़ी चूचियों को दबाने लगा और अपने हाथों से उनकी ब्रा से उनकी चूचियों के आजाद किया।
उनकी चुचियों के ब्रा से आजाद होते ही मेरी उँगलियाँ पहली बार उनकी चूचियों के निप्पल से टच हुई तो उस एहसास से ही मेरा लंड आउट ऑफ़ कंट्रोल होकर एकदम स्टील रोड की तरह खड़ा हो गया।
मैंने अँधेरे में ही मौसी के हाथ को पकड़कर मेरे पजामे में चड्डी के ऊपर रख दिया तो उन्होंने ऊपर से ही मेरा लंड पकड़ कर उसे सहलाना शुरू कर दिया। उस समय कमरे में सारे बच्चे ही थे और वो भी दिनभर की मस्ती के बाद में थके हुए गहरी नींद में सो रहे थे तो हमारे लिए कोई प्रोब्लम नहीं थी।
मौसी अब मेरा लंड सहलाते हुए उसे आगे पीछे कर रही थी तो मैं भी उनकी टाइट चूत में उंगलियां डाल कर अंदर बाहर करने लगा तो वो आआआ आआआ आआअह्हह्हह्ह ह्हह्हाआआअ ओह येस्सस् ह्हह् ह्हह्ह होफ़्फ़फ़् फ़फ़्फ़फ़् फ़फ़ वोव्वव्व कर रहीं थीं।
हम दोनों उस रात को कुछ ज़्यादा नहीं कर सकते थे तो दोनों ने ही आपस में एक दूसरे को अपने अपने हाथों से मजे देते हुए चरम पर पहुचाते हुए रस निकाला और उसके बाद एक दूसरे के साथ में चिपक कर सो गये।
अगले दिन जब में उठा और बाहर आया तो मेरी आँखे मौसी को ही ढूँढ रही थी और जैसे ही हमने एक दूसरे को देखा तो मुस्करा दिये। दिन में सारे मेहमान चले गए और मामी अपनी किसी फ्रेंड के साथ मार्केट गई तो मैने उस मौक़े का फ़ायदा उठाते हुए मौसी को कमरे ले गया और उन्हें किस करने लगा।
थोड़ी देर ऐसे ही एक दूसरे को चूमते हुए ही में मौसी के बूब्स को पकड़ कर दबाने लगा और जल्दी-जल्दी से उनके कपड़े उतारने लगा और उन्हें बिल्कुल नंगा कर पूरे बदन पर किस करते हुए उन्हें उठाया और बेड पर लिटा दिया।
मौसी को बेड पर लिटाकर में अपने खड़े हुए लंड को अपने हाथों से पकड़कर उसे सहलाते हुए उनकी चूत में उँगली करते हुए उन्हें किस कर रहा था और जैसे ही उनकी चूत मेरी उँगलियों की करामात से बिलकुल गीली हो गयी तो अपने लंड को उसके मुँह पर रख कर एक झटका दिया।
जैसे ही मैंने अपने लंड का झटका उनकी चूत में दिया तो मुझे उनकी टाइट चूत कि वजह से अपने लंड में थोड़ा दर्द होने लगा तो मैने उन्हें दबाये हुए ही अपने एक हाथ की उंगली से दोनों फांको को फ़ैलाया और एक जोर का झटका दिया मेरा आधा लंड उनके बुर में घुस गया था।
मौसी की चूत बहुत ही ज़्यादा टाइट थी और मुझे ऐसे लग रहा था जैसे मैंने किसी टाइट चीज में जबरदस्ती से मेरे लंड को फँसा दिया है और दूसरी और मेरे झटके से मौसी की चुत की झिल्ली फट गई और वो एकदम से बहुत जोर से चीखी।
मौसी के मुँह से निकलने लगा ओह माआआआ ऊऊऊह्ह हह्हह्हह हह्ह्हह्ह गोड प्लीज़ डू इट स्लोवली ओह्हह्ह ह्हह्हह्हह दिस इस हर्टिंग मी। मेरी चूत हद से ज़्यादा दर्द कर रही है प्लीज़ निकाल लो अपना लंड…।
पर मैने उस समय उनकी एक भी नहीं सुनी और तुरंत ही एक और जोर झटके के साथ अपने पूरे लण्ड को उनकी चूत में पूरा डाल दिया। और उनको अपने बाँहो में झकड़े हुए ही उनके ऊपर लेटा रहा और उनके बूब्स को मुँह में ले कर चूसने लगा।
कुछ देर बाद मौसी का दर्द जब कुछ कम हुआ तो वे मेरे चेहरे पर गर्म साँसे छोड़ने लगी और मेरे होंठों को अपने होंठों में भरकर मुझे धीरे-धीरे मदमस्त किस देते हुए नीचे से हल्के-हल्के से अपनी गांड को उठा कर लंड को और अंदर लेने की कोशिश करने लगी तो में उनके इशारे को समझ कर अपने लंड से झटके देते हुए उन्हें चोदने लगा।
अब वो मेरे साथ ताल से ताल मिलाकर चुदाई के मजे लेते हुए आआ…आआअ… ह्हहह्ह… वोव्व… व्वव्वव्व… व्वव… ह्हह्ह…ह्हह… ह्हह्हह्ह… ह्हह्… हह्हह् और कुछ देर की चुदाई के बाद उनका बदन झटके लेते हुए अकड़ने लगा।
वो बोली मै झड़ रही हूँ ऊऊह… आह्ह… ह्हह…हह्ह… ह्ह्ह… आआआ…आआ… आआआआ… आआईई…ईइ… ग्गग… ओह… येस्स…स्सस्सस्स और इसी के साथ में मेरी पीठ को खरोचंते हुए उन्होंने अपना पुरा पानी बाहर निकाल दिया।
मैने भी उनके छूटते ही अपने धक्के तेज किए और अगले कुछ ही सेकंडों में मेरा पुरा वीर्य उनकी उस ताजा ताजा चुदी चुत में अपने 🚿 फव्वारे मारने लगा।
हम दोनो ही इस चुदाई से बहुत ज़्यादा थक गए थे और थोड़ी देर ऐसे ही लेटने के बाद जब होश आया तो उठ कर जल्दी से अपने-अपने कपड़े पहन कर रूम के बाहर आ गये और हॉल में आकर टीवी देखने लगे।
उस रात को भी में ऊपर के कमरे में अकेला सोया और सारे लोगो के सोने के बाद मौसी मेरे रूम में आई और फिर से हम दोनों ने पूरे कमरे में एक दूसरे को चोद-चोदकर मस्ती की और उसके बाद मौसी फिर से अपने रूम में चली गई। अब मौसी भी किसी न किसी बहाने से मेरे घर पर आ जाती है और जब भी वो घर आती हैं तो मौका देखकर मै उनके बूब्स को दबा देता हूं, रात को जैसे ही सब लोग सो जाते है और हमे चांस मिलता है तो हम चुदाई भी कर लेते हैं।
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