मौसी की प्यासी चूत की प्यास (Mausi Ki Pyasi Chut Ki Pyaas): इस स्टोरी में मैंने मेरी और मेरी मौसी के बीच में उनके घर पर हुई जबरदस्त चुदाई के बारे में बताया है
मेरा नाम नवीन पुजारी है, मैं वैसे तो हरियाणा का का रहने वाला हूँ लेकिन काम की वजह से अभी दिल्ली में रहता हूँ, मेरी छोटी बहन 19 साल की है और मैं 23 का हूँ.
एक मैं और मेरी छोटी बहन अपनी मौसी के घर घूमने के लिए हरियाणा के उनके गाँव में गए थे. मौसी गांव में ही रहती थी अपनी बेटी रानी के साथ और वहाँ पर खेती का काम देखती थी और मेरे मौसा शहर में नौकरी करते थे. रानी की उम्र भी 18 साल की थी.
गांव जाकर पता चला की मेरे मौसा क़रीब चार साल से गांव नहीं आए थे क्योंकि शायद मौसा और मौसी के बीच में किसी बात को लेकर कोई अनबन हो गई थी, ऐसा मुझे रानी ने बताया था.
मेरी मौसी बेहद खूबसूरत हैं और उनके बदन की जवानी बहुत ही नशीली है जिनके आगे की आज कल की लड़कियां भी पानी भरती दिखाई देती है.
मेरी मौसी का फिगर 36-28-38 है और उनके उठे हुए चूतड़ों के साथ कोई अगर उनके तने हुए मम्मों को देख ले तो उसका लंड तुरंत ही खड़ा हो सकता था.
आप तो हरियाणा के गाँवो में औरतों पर बंदिश का जानते ही होगे और इसी कारण गाँव में मौसी लाज के चलते किसी से ज्यादा नहीं खुलती थीं.
मैं जब मौसी के घर पहुंचा और उनसे मिला तो मौसी को हम भाई बहन से मिलकर बड़ी ख़ुशी हुई. दूसरे दिन मौसी सुबह ही मेरी बहन के साथ में खेतों में चली गईं. उन्होंने रानी से कहा कि वो खाना लेकर मुझे भी खेत में भेज दे.
मैं दोपहर में खाना लेकर गया तो मौसी काम करने के बाद थक गई थीं.. उन्होंने और मेरी बहन ने पहले खाना खाया और फिर आराम करने के लिए लेट गईं. मैं उनकी एक तरफ़ और मेरी बहन मेरे पास में ही लेट गई.
थोड़ी देर में मेरी आंख लग गई, लेकिन कुछ आवाजों से जब आंख खुली तो मैंने देखा कि मौसी पास में ही लेते हुए अपने चुचे ब्लाउज से बाहर निकाल कर खुद ही उनको दबा रही थीं. मैंने तुरंत ही अपनी आँखें बंद कर लीं.
लेकिन में कब तक अपने आप पर काबू रख सकता था थोड़ी देर बाद मैंने धीरे से एक आँख खोल कर देखा तो मेरी मौसी एक मोटी सी मूली से अपनी चुत की खुजली को मिटाने में लगी थीं.
मेरी आँखों के सामने यह गरमा-गरम सीन चल रहा था जिसे देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया और उसमे से पानी निकलने लगा. मैं मौसी को अपनी चुत में मूली अंदर बाहर करते हुए हल्की मुंदी आँख से देखने लगा.
कुछ देर में मौसी के शरीर ने झटके मारने शुरू किए और शायद मौसी झड़ गई थीं उन्होंने अपने कपड़े ठीक किये और निढाल सी होकर मेरे बगल में ही लेटी रहीं.
जैसे मैंने मौसी को यह सब करते देखा था, उसी तरह से मेरी मौसी ने भी मुझे उन्हें अपनी चुत में मूली डालते हुए देख लिया था जिसका की मुझे पता नहीं चला.
कुछ देर बाद मौसी वहाँ से उठ गईं और फिर से खेत में काम करने लगीं. दोपहर को हम लोगो ने वही पर छाई पी और शाम को काम खत्म होने के बाद हम सब घर आ गए.
आज की दोपहर वाली घटना के बाद से ही मेरा मेरी मौसी को देखने का नजरिया बदल गया था. ऊपर से मौसा के चार साल से गांव ना आने के कारण मौसी मुझे चुदाई के लिए तैयार माल दिखने लगी थीं.
खाना खाने के बाद हम लोगो ने थोड़ी देर बात की और मेरी दोनों बहने अपने कमरे में सोने के लिए चली गई और कुछ देर बाद जब जब में भी सोने जाने लगा तो मौसी ने कहा- नवीन तू साथ ही मेरे कमरी में चल, मुझे तुम से कुछ और भी बातें करनी हैं.
मैं मौसी के साथ उनके कमरे में गया तो मौसी ने मेरी माँ के बारे में बात की और उसके बाद वो ऐसे ही यहाँ-वहाँ की बिना मतलब की बाते करने लगीं. मैंने इस दौरान यह महसूस किया कि मौसी का हाथ मेरे लंड के बिल्कुल पास था.
मुझे आज मौसी का व्यवहार कुछ बदला हुआ सा लग रहा था जिसे मैं कुछ समझ नहीं पा रहा था और कुछ देर की बात के बाद मौसी का हाथ मेरे लंड को छूने लगा. उनके हाथ को अपने लंड पर महसूस करते ही मुझे लगने लगा था कि मौसी मुझ से कुछ चाहती हैं जिसे की वो कह नहीं पा रही है.
उन की उंगलियां बार-बार किसी न किसी बहाने से मेरे लंड को छूने लगीं तो मैंने भी उनका मजा लेना शुरू किया. उनके द्वारा अंगुलियों से मेरे लंड को छूने पर जब मैंने कुछ नहीं कहा तो वो हल्के से धीरे-धीरे मेरे लंड को रगड़ने लगीं.
उनके ऐसा करने से मेरे लंड में भी कसाव आना शुरू हो गया. मैंने उनका इरादा जानने के लिए जब वहाँ से हटने की कोशिश की तो मौसी ने मेरे लंड को पकड़ लिया.
मौसी ने कहा- कहा जा रहा है, अगर तू अपनी मौसी की एक बात मानेगा तो तुझसे कुछ कहु?
मैंने उनकी आँखो में देखते हुए कहा- मौसी मैंने आज तक आपकी कोई बात टाली है क्या जो आज मना करुगा?
तो सुन बेटा, रिश्ते से लगने वाली तेरी यह मौसी पिछले कुछ सालों से बहुत प्यासी है.. तू बस कैसे भी करके अपनी इस मौसी की प्यास मिटा दे बेटा… जब तू सो रहा था तो मैं तेरा लंड देख रही थी. सच में तेरा लंड बहुत मोटा है.. आ और तेरे इस लंड से मेरी इस चूत की प्यास को बुझा दे.’
मौसी ने इतना कहने के साथ ही मेरे लंड को तेजी से दबाया, मैंने जब हल्का सा विरोध किया तो मौसी ने मुझे जाने नहीं दिया और मुझ से लिपट कर प्यासी लड़की की तरह मेरे होंठों को चूमने लगीं. और साथ ही साथ अपनी चुचियों को मेरी छाती पर रगड़ने लगीं.
मौसी की इन सब हरकतों की वजह से अब मुझे भी बहुत ज़्यादा मज़ा आने लगा था. मैंने अपना हाथ मौसी की गांड पर लगाते हुए उनकी मदमस्त गांड को दबाना शुरू कर दिया.
अब मेरे हाथों को अपनी गांड पर महसूस करके मौसी के मुँह से मादक सिसकारियां निकलने लगीं.
मैंने अपने दूसरे हाथ से मौसी के मोटे-मोटे मम्मों को दबाना शुरू किया तो थोड़ी ही देर में उनकी चुदास की गर्मी बढ़ गई और उन्होंने मेरी कमर पर अपने नाखूनों के निशान मारने शुरू कर दिए तो मैंने मौसी का सूट निकाला और उन्हें लिटाकर उनके ऊपर चढ़ गया.
मौसी ने अपने हाथों से मेरे माथे को पकड़कर अपने होंठों को मेरे होंठों से भिड़ाकर मुझे चूमते हुए कहा- आह मेरे राजा आज मेरे मम्मों का सारा दूध पी ले.. पूरे 4 साल हो गए.. किसी ने इनको हाथ तक नहीं लगाया है.
मैं मौसी के मम्मों को ज़ोर-ज़ोर से पीने लगा. मौसी के चूचे दबाने के कारण एकदम से कड़क होने लगे थे. अब मैंने मौसी की चुत पर हाथ रखा और उसे ज़ोर-जोड़ से दबाने लगा तो मौसी- आआ ऊऊओ और ज़ोर से उँगली डाल और दबा दे.. फाड़ डाल इसको..
मैंने अपनी उंगली उनकी चुत में पेल कर उसे अंदर-बाहर करना शुरू किया तो मौसी के मुँह से और भी ज़्यादा जोर से मादक सिसकारियां निकलने लगीं ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’
मौसी बोलीं- बेटा जल्दी कर..
मैं बोला- आज जल्दी क्या है अभी तो सारी रात हमारी ही है.
मौसी ने मेरा लंड अपने हाथों में पकड़ लिया.
मैंने कहा- मौसी, तू मेरा लंड अपने मुँह में लेकर इसे भी तो मजे दे.
मौसी तुरंत ही मेरे लंड को चूसने और चाटने लगीं. मैं मौसी के जबरदस्त लंड को चूसने के कारण गर्म हो गया और थोड़ी देर चुसवाने के बाद अपने लंड को उनके मुँह से निकाल कर सीधा मौसी की चुत में पेल दिया.
एकदम से लंड पेलते ही मौसी के मुँह से चीख लिकल गई – आआईई ईई मममम ममम्म्मीईईओ.. ओह हः!
मैंने मौसी के मम्मों को मसलते हुए उनके होंठों को अपने होंठों की गिरफ्त में लेकर उन्हें आराम-आराम से छोदना शुरू किया तो कुछ देर बाद मौसी फिर से नॉर्मल हो गईं.
अब मैं मस्ती से अपनी मौसी को अपने लंड से जबरदस्त पेले जा रहा था और करीब दस मिनट बाद मैंने मौसी की चुत में अपने लंड का पानी छोड़ दिया और मौसी से लिपटकर उन्हें सहलाते हुए धीरे-धीरे चूमने लगा।
जब मौसी थोड़ी देर बाद होश में आई तो कहा- तू तो बहुत बड़ा उतावला है मेरी चूत में एक बार में ही पूरा का पूरा लंड बाड़ दिया.(पूरा घुसा दिया)
यह मेरा पहला सेक्स अनुभव था दोस्तो.. आप को मेरी यह हिन्दी सेक्स कहानी कैसी लगी कमेंट में जरूर बताये?
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