दोस्त की पत्नी के साथ अंतरंग क्षण (dost ki patni ke sath sex): भाभी xxx स्टोरी में आज में आपको मेरे और मेरी दोस्त की पत्नी के बीच में होली के दिन कैसे चुदाई हुई और मैंने उन्हें हर तरह से चोदकर संतुष्ट किया इसके बारे में बताने जा रहा हूँ.
मेरे दोस्त की शादी के बाद मैं उससे 1 साल बाद मिला, पहली बार भाभी को देखा. वह मुझे लगातार देख रही थी, मुस्कुरा रही थी. मैं भी गर्म हो गया था.
दोस्तो, मेरा नाम सौरव है. और में 26 साल का जवान लड़का हूँ, मेरी शादी अभी नहीं हुई है.
लेकिन मेरे एक दोस्त जिसकी की शादी कहीं और हुई थी जहाँ पर वह काम करता था इसलिए मैं उसकी पत्नी से एक साल बाद तब मिला जब वह वहाँ से काम छोड़कर गांव आकर काम करने लगा।
मैंने जब मेरे दोस्त की पत्नी को देखा तो मैं उसे देखता ही रह गया! वह इतनी ज़्यादा सुंदर जो थी, और उसका फिगर तो कमाल का था — 34 – 32 – 38! उसे पहली बार देखते ही मेरा लंड पैंट में फुदकने लगा!
जब में मेरे दोस्त के घर गया तो उस दिन छुट्टी थी और भाभी भी मुझे ही लगातार देख रही थी, और उसी के साथ मेरी और देखकर मुस्कुरा भी रही थी. उस दिन पहली बार होने के कारण मेरी उनके साथ ज्यादा बात नहीं हुई।
कुछ दिनों के बाद एक दिन फेसबुक पर उन्होंने मुझे रिक्वेस्ट भेजी, जिसे की मैंने जान बूझकर मैंने 1-2 दिन बाद में एक्सेप्ट किया और उसके बाद थोड़ी नार्मल बात के बाद हमारे बीच में अच्छे से बात शुरू हुई।
मैंने उनके साथ चेट करने के दौरान बीच-बीच में कई बार फ्लर्ट किया, लेकिन उसने बुरा नहीं माना तो मैंने भी चांस मारने का ट्राय किया और उसे पटाने लगा और इस तरह से हमारे बीच में सेक्स को लेकर भी बात होने लगी.
हमारे बीच में बात चल ही रही थी कि थोड़े दिनों में ही होली का मौका आया तो मैं होली वाले दिन उसके घर पहुँच गया और अपने दोस्त के साथ-साथ भाभी के साथ भी होली खेली.
उस दिन रंग लगाने के बहाने मैंने उसके बूब्स दबाए, गांड दबाई, और उनकी चूत के ऊपर उंगली करते हुए पूरा मजा लिया!
जवाब में वह भी भी मेरे साथ में पूरा मजा ले रही थी, वह भी कभी मेरे लंड को छूती, तो कभी मेरी छाती पर हाथ फेरती इस तरह से उस दिन हम दोनों ने एक दूसरे को ऊपर से पूरी तरह से चेक कर लिया था.
उस दिन के बाद तो हमारे बीच में जबरदस्त सेक्स चैट होने लगी और हम एक दूसरे को चैट करते हुए ही चोदने लगे। कई बार में उन्हें ऑडियो कॉल पर चोदता तो कई बार वीडियो कॉल करके.
हम दोनों को ही इस दौरान अकेले में मिलने का मौक़ा नहीं मिला लेकिन एक दिन भगवान ने मेरी पुकार सुन ली और वह घर पर अकेली थी तो उसने मुझे फ़ोन कर कुछ सामान की लिस्ट दी और कहा, ये सामान ला देंगे प्लीज?”
मैंने तुरंत हाँ की और बाजार से सामान लेकर 15 मिनट में ही उनके घर पहुँच गया।
उस दिन उसने लाल रंग का वन-पीस पहना हुआ था जिसमे वह इतनी ज़्यादा मस्त लग रही थी कि मन कर रहा था की उसे, अभी बेड पर पटक कर चोद दूँ! लेकिन मैंने खुद को शांत किया।
वह बोली, “में किचन से पानी लाती हूँ।” और वह वह किचन में गई, मैं भी उनके पीछे-पीछे ही किचन में चला गया और किचन में जाते ही मैंने पीछे से अपना लंड उसकी गांड से चिपकाया और उसकी गर्दन पर किस करने लगा।
वह मेरी और देखकर भोली बनते हुए बोली, “नहीं, ये गलत है!”
मैंने कहा, “कुछ गलत नहीं है भाभीजी!” और उसका चेहरा घुमाकर मेरे चेहरे से मिलाया और लिप-टू-लिप किस करने लगा।
वह भी पूरे मजे के साथ मेरा किस करने में साथ दे रही थी। धीरे-धीरे मेरे हाथ उसके बूब्स की तरफ बढ़े और मैं मस्त होकर हल्के हाथों से उन्हें ऊपर से ही दबाने लगा।
तभी अचानक से मेरे दोस्त का फोन आ गया तो वह चली गई और इस तरह से हमारे बीच का कार्यक्रम वही पर रुक गया.
लेकिन अब हम दोनों के ही जिस्म में चुदाई की आग लग चुकी थी जिसे सिर्फ़ एक दूसरे को चोदकर ही बुझाया जा सकता था। 4-5 दिन बाद उसका फिर से मैसेज आया, “सौरव जी, घर पर आ जाइए आज फिर घर पर कोई नहीं है!”
मैंने सोचा, आज का मौका में नहीं छोड़ूगा और उसे आज पेल कर ही दम लुगा!
मैं तुरंत ही अपनी बाइक स्टार्ट कर उसके घर पहुँचा। वह भी लाल साड़ी में मेरा बेसब्री के साथ इंतज़ार कर रहा था, बिना आस्तीन का ब्लाउज पहने हुए वह क्या मस्त लग रही थी दोस्तों जिसे में बता नहीं सकता मैंने घर में घुसते ही अंदर से दरवाजा बंद किया और उसे पकड़कर किस शुरू कर दी।
वह बोली, “राहुल जी, जरा अंदर तो चलिए!”
फिर मैंने उसे जल्दी-जल्दी नंगा किया और उसने भी मुझे।
मैंने नंगा करते ही सबसे पहले उसके बूब्स चूसे, दबाए और नीचे बैठकर उसके एक टांग को अपने कंधे पर लेकर उसकी चूत चाटी तो वह कामुक होकर जोर-जोड़ से सिसकारियाँ लेने लगी।
“उफ्फ… मम्म्… अह्ह्ह… सौरव जी, मार डाला आपने तो!”
मैंने खड़ा होने के साथ ही उसके जिस्म पर चूचो के नीचे लटकी हुई ब्रा को अपने दोनों हाथों से फाड़कर उसे एकदम नंगी करते हुए उसके बूब्स पर टूट पड़ा और अगले 10 मिनट तक में कभी उसके बूब्स चूसता, तो कभी उसकी चूत चाटता।
उसकी चूत इतनी ज़्यादा मस्त और मुलायम थी कि मेरी जीभ अपने आप अंदर चली जा रही थी।
वह मेरी चूत चूसने की कला से इतनी ज़्यादा कामुक हो रही थी और मेरे सिर को अपनी चूत में दबाते हुए जोर-जोर से सिसकारियाँ ले रही थी।
अचानक से उसका सारा शरीर वाइब्रेट होने लगा और उसने अपनी चूत को मेरे मुँह में दबा लिया और अपने दोनों पाँवों से कैंची बनाकर अपने शरीर में समाने लगी और तभी उसकी चूत का पानी मेरे मुँह में आ गया।
मैंने उसकी चूत को चाटना जारी रखा और उसका सारा पानी चाटकर साफ किया।
मेरी इस अदा से वह ख़ुश हो गई और मेरे सारे बदन पर किस करती हुई नीचे आई और मेरा लंड एकदम से मुँह में ले लिया, लेकिन मेरा लंड इतना लंबा था कि वह उसके मुँह में ही फँस रहा था लेकिन फिर भी किसी तरह से उसने उसे अपने गले तक उतार लिया।
मैं तो उसकी उस अदा पर फ़िदा हो गया और जोश में आकर उसके बाल पकड़कर उसके मुँह को चोद रहा था। उधर वह भी किसी मामले में कम नहीं थी और ओह्ह्ह, क्या मस्त लंड खा रही थी वह मेरा!
जल्दी ही मेरे लंड ने भी अपना पानी छोड़ना शुरू किया और, सीधा उसके गले से नीचे पेट में जाने लग गया लेकिन उसने मेरे लंड को बाहर नहीं निकाला और सारा का सारा रस पी गई और मेरे लंड को चाटकर पूरा साफ़ कर दिया।
हम दोनों एक दूसरे के बदन को सहलाने लगे और थोड़ी देर बाद उसने फिर से चूस-चूसकर मेरा लंड खड़ा किया.
और मुझे चोदने का इशारा किया तो मैंने उसे बेड पर फेंका, उसकी दोनों टाँगें अपने कंधे पर रखीं और अपना 7 इंच का लंड उसकी चूत की फांक पर रखा।
वह मुझे नीचे से कामुक निगाहों से देख रही थी तभी मैंने एक जोरदार शॉट मारा, वह चिल्ला पड़ी, “बहन के लोडे, धीरे मार, फट जाएगी मेरी चूत!”लेकिन मैंने उसकी एक नहीं सुनी और ताबड़तोड़ शॉट मारता रहा।
पहले वह खूब चिल्लाई और मुझे छोड़ने को कहा, उसके बाद गंदी-गंदी गालियाँ दी, और आख़िर में मेरे साथ में अपनी चुदाई का मजा लेने लगी।
कुछ देर ऐसे ही शॉट लगाने के बाद हमने पोजीशन बदली और अब मैंने उसे डॉगी स्टाइल में आकर पेला।
“अह्ह् ह्ह… और जोर से चोद, बहन के लोडे!” “फाड़ दे मेरी चूत, भोसड़ा बना दे इसका!” “फक मी हार्डर, येस, कम ऑन… कम ऑन!” “बना ले मुझे अपनी कुतिया… रोज चुदूँगी तुझसे!”
“अह्ह्ह्ह… मम्म्म्म… श्ह्ह्ह्ह… फक… येस!”
जब भाभी चुदते हुए मुझे गलियाँ देने लगी तो मैं भी पीछे कहा रह सकता, मैं बोला, “भाभी, मादरचोद है तू, मेरा पूरा का पूरा लंड खा गई और अब लगी है चिल्लाने साली रंडी आज तो तेरी चूत को चोद चोदकर उसका भोसड़ा बना दुगा!”
करीब 30 मिनट तक चली इस तगड़ी चुदाई के बाद हम दोनों साथ में झड़ गए और उस दिन हमने 5-6 बार अलग-अलग पोजीशन में जबरदस्त सेक्स किया और उसे आज तक का सबसे ज़्यादा प्लेजर का सुख दिया।
अंत में मैंने उसे कोइटल अलाइनमेंट टेक्नीक (Coital Alignment Technique – CAT) टेक्नीक से छोड़कर उसे पूरी तरह से मस्त और संतुष्ट कर दिया तो वे बोली, “आज से मैं तेरी रंडी हूँ मेरी जान, तू जहाँ मर्जी, जब जब चाहे तब मुझे चोद लेना!”
उस दिन के बाद में तो मैंने मेरे दोस्त के घर का कोई भी कोना नहीं छोड़ा था जहाँ मैंने उसकी पत्नी को नहीं चोदा हो वो मैं आपको फिर कभी अगले हिस्सों में बताऊँगा।
तब तक के लिए आप सभी को मेरा नमस्कार। मेरी यह सच्ची घटना आपको कैसी लगी? इसके बारे में कृपया कमेंट करके ज़रूर बताइये और दोस्तों को भी शेयर कीजिए।
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