पापा ने चौदकर मुझे माँ की सौतन बनाया (Papa Ne ChudKar Mujhe Maa Ki Sautan Banaya): दोस्तों आप सभी का freesexstory.online पर बहुत स्वागत है आज की कहानी में मैं मेरे जन्मदिन पर मेरे साथ हुई चुदाई की उस घटना के बारे में बताऊगी जिसमे मेरे पापा ने ही मुझे जन्मदिन पर तौफ़े सेक्सी थोंग गिफ्ट की और उसे पहनाकर मुझे चोद कर अपनी माँ की ही सौतन बना दिया।
मेरा नाम शांति है और यह घटना मेरे जन्म दिन की है. में उस दिन काफ़ी उत्साहित थी. क्योंकि मुझे पता चला था कि डैडी ने मेरे जन्म दिन पर शाम को पार्टी रखी है. में जल्दी से उठ कर फ्रेश हुई और हॉल में देखा तो वहाँ पर सिर्फ़ डैडी ही बैठे थे.
मैंने डैडी से पूछा कि मम्मी कहाँ गयी तो डैडी ने कहा कि वो तुम्हारे लिए तोहफ़ा लेने के लिए मार्केट गयी है. तो मैंने डैडी से पूछा कि क्यो आप मेरे लिए तोहफ़ा नहीं लेकर आए?
डैडी ने मुझे गौर से देखा. मुझे ऐसा महसूस हो रहा था कि डैडी उस समय मेरी चूचियों को नाइटी के ऊपर से देख रहे है. पर मैंने इस पर किसी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं की. डैडी ने मेरी और देखते हुए कहा कि मेरा तोहफ़ा तो तुम को मम्मी की अनुपस्थिति में ही खोलना होगा.
मैंने बड़ी ही मासूमियत से कहा- चलेगा! लेकिन पहले आप दो तो सही!
डैडी ने कहा- ठीक है तुम यहाँ पर मेरे पास आ कर बैठो, मैं तुम्हें एक बहुत ही कीमती और अच्छा तोहफ़ा देता हूँ.
में भोलेपन से अपने पापा के पास जाकर बैठ गई तो डैडी ने कहा कि तुम्हारी कमर कितनी है?
मैंने सोच की डैडी ड्रेस के लिए पूछ रहे है तो मैंने उनसे कहा- 28 इंच.
डैडी- इतनी छोटी है! वाओ… टाइट है मतलब!
डैडी के मुँह से जब यह सुना तो मुझे अजीब लगा. फिर डैडी ने कहा- तुम खड़ी हो जाओ, मैं तुम्हारी छाती मापता हूँ.
अब तो मुझे पक्का पता चल गया था कि डैडी ड्रेस का ही माप ले रहे है तो में मासूमियत से डैडी के सामने आ कर खड़ी हो गई.
डैडी ने बड़ी ही बेशर्मी से मेरी चूचियों को हाथ लगाते हुए पेट पर रखा. इस तरह से हाथ घूमाते हुए डैडी को इस बात का पता लग गया कि मैंने मॅक्सी के अंदर कुछ नहीं पहना है.
डैडी ने मुस्कुराते हुए आनंदित होकर कहा- तुम्हारा पेट तो काफ़ी अंदर है पर तुम्हारे बूब्स काफ़ी बड़े हैं. ये बात सुन कर मुझे शरम सी आने लगी. मैंने कहा- डैडी ऐसे मत कहो ना. डैडी ने कहा- ठीक है मुझे ठीक से नाप लेने दो.
इतना कहकर डैडी एक दम से मेरी चूचियाँ दबाने लग़े. मेरे निपल अब गाउन के ऊपर से बटन की तरह दिखने लगे. डैडी की इस हरकत से मैंने अपनी आंखें बंद कर ली और उनसे कहा- इस तरह से तो आज तक किसी ने भी मेरा नाप नहीं लिया है.
डैडी मेरे इतना कहते ही हँसने लगे और कहने लगे- आगे-आगे देखो अब क्या होता है.
फिर मैंने दम से अपनी आँखें खोली और तुरंत ही डैडी से दूर जाकर दीवार के सहारे खड़ी हो गई. डैडी ने कहा- ओके!
तुम्हारी कमर का नाप लेने दो और इतना बोल कर मुझे मेरे मुँह की और से दीवार से सटाकर मेरे पीछे आए और मेरी कमर पर हाथ रखकर उसे गाण्ड के बीच में डाल कर बोले- उम्म! तुम तो तैयार आम हो.
मुझे उनकी यह बात समझ नहीं आई तो कहा- इस का क्या मतलब है?
डैडी ने जवाब में कहा- इसके बारे में तुम्हें मैं अपना तोहफ़ा देने के बाद बताऊँगा. डैडी ने ऊपर जाते हुए कहा कि तुम मेरे कमरे में आओ वही पर तुम्हारा गिफ्ट मिलेगा.
मुझे उस वक़्त कुछ अजीब सा महसूस हो रहा था. पर मन ही मन सोच रही थी कि अब डैडी से क्या शरमाना! यही सोचकर में डैडी के साथ कमरे में चली गयी.
कमरे में डैडी ने एक बैग निकाला और मुझे देते हुए कहा कि इस बैग को चेंजिंग रूम में जाकर खोलो और इसके अंदर जो ड्रेस है उसे पहन कर बाहर आकर दिखाओ.
मैंने कहा कि ठीक है. और बैग उठा कर बाथरूम में चली गयी. जब बाथरूम में जाकर मैंने उस बैग को खोला तो उसके अंदर एक लाल रंग की ब्रा और एक थोंग थी. मैंने अंदर से ही बाहर डैडी को आवाज़ लगाई कि यह आपने मुझे क्या पहनने के लिए दिया है?
डैडी ने बाहर से ही कहा- वही जो तूने आज तक नहीं पहना है और इसी के साथ उनके ज़ोर-ज़ोर से हँसने की आवाज आने लगी. मुझे कुछ समझ नहीं आया और मैंने वो लाल ब्रा पहनकर ख़ुद को आईने में देखा तो उस ड्रेस में मैं जवान लड़की दिख रही है और मेरे बूब्स एक सेक्सी औरत की तरह नेट वाली ब्रा से बाहर दिखाई दे रहे थे. फिर मैंने तौफ़े में मिली हुई थोंग(चड्डी) पहनी.
उफ़्फ़ अब तो बस में मस्त माल… उम्म लग रही थी.…जिसे बताने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं.
मैंने यह सब पहन तो लिए थे लेकिन यह भी सोच रही थी कि मैं यह ड्रेस पहन कर बाहर अपने डैडी के सामने कैसे जाऊँ? तभी उतने में बाहर से फिर से डैडी की आवाज़ आई तो में घबरा कर बिना कुछ सोचे बाहर आ गई. बाहर डैडी गेट की और देखते हुए मेरे ही इंतजार में ही खड़े थे.
उन्होंने जब अपनी बेटी को ब्रा और चड्डी में इस अवस्था में देखा तो उनकी तो आँखें खुली की खुली रह गयी. इस ड्रेस में मेरी चूची एक दूध की बोतल की तरह दिख रही थी और ऐसा लग रहा था जैसे पेंटी में सारा खज़ाना छिपा हुआ हो.
डैडी बस मुझे देख रहे थे लेकिन कुछ बोल ही नहीं पा रहे थे.
डैडी को ऐसे देखकर माँ बोली- डैडी कैसी लग रही हूँ में इस ड्रेस में?
डैडी ने कहा- तुम एक नंबर की आइटम लौण्डिया लग रही हो.
मैं तुरंत ही बोल पड़ी – ये आइटम लौण्डिया क्या होती है?
डैडी ने कुछ जवाब नहीं दिया और मेरे पास आए और मेरी चूची को एक हाथ से पकड़ लिया और बोले जिस लड़की के बूब्स इतने भारी और रसीले हो उसे एक नंबर की आइटम लौंडिया कहते हैं और एकाएक चूची के ऊपर इतने ज़ोर से चूँटी काटी की मेरे चूचूक ब्रा में से बटन की तरह दिखने लगे.
डैडी को यह देख के कुछ होने लगा. इतने में मैं फिर से दर्द के मारे आँख बंद कर बोली- ये लौण्डिया क्या होता है?
डैडी ने देखा कि मेरी आँखें चूची चूँटने के कारण हुए दर्द से बंद हैं तो उन्होंने इस बात का फ़ायदा उठाते हुए अपना हाथ मेरी पेंटी में डाल दिया और और मेरी चूत के उपर अपनी उंगली घिसने लगे और बोले कि जिसकी इतनी अच्छी चूत हो जिसमें लण्ड घुसाया जा सकें उस लड़की को लौण्डिया कहते हैं.
डैड की इन हरकतों का असर मेरे ऊपर होने लगा और मैंने अपनी आँखें बंद कर ली थी. मुझे अपने डैडी का हाथ अब अपनी नंगी चूत पर सहलाते हुए अच्छा लग रहा था. डैडी ने अब आगे बढ़ते हुए अपना दूसरा हाथ अपनी बेटी की ब्रा पर रखकर ऊपर से ही मेरे चूचे धीरे-धीरे दबाने लगे.
डैडी मेरे निपल को ब्रा के ऊपर से टटोल रहे थे और कुछ ही देर में मेरे बूब्स को ब्रा के कप में से बाहर निकालकर चूसने लगे. इसी के साथ मुझे एक मधुर सा मजा आने लगा. अब में भी कामवासना के अधीन होकर मस्त हो गयी थी.
मेरी चूत अब डैडी के सहलाने के कारण काफ़ी गीली हो गयी. मेरी आँखें अभी भी बंद थी और में पापा की हरकतों को महसूस करते हुए मजे ले रही थी. कुछ देर बाद मुझे अपने हाथों में कुछ गरम सा डंडे जैसा महसूस होने लगा.
मैंने जब उसे महसूस किया तो अपनी आँखें खोल कर देखा तो मेरे हाथ में पापा का गोरा और काफ़ी बड़ा सा लण्ड था. में अचानक से अपने हाथ में इतना बड़ा लण्ड देखकर घबरा गयी और डैडी से कहा कि उनका लण्ड काफ़ी बड़ा है.
डैडी ने मुस्कुराते हुए मेरे गले के पास अपने होंठों से चूमते हुए कहा कि इस लण्ड की वजह से ही तो में इस दुनिया में आई. और इसी के साथ अपने हाथ से मेरे गले को पकड़कर मेरे मुँह को नीचे की और ढकलते हुए बिठ दिया और हँस कर बोले- चल लौण्डिया अब अपना मुँह खोल कर इस लण्ड को चूस.
मुझे डैडी के मुँह से यह सुनकर काफ़ी अजीब लगा कि लण्ड को भला कोई कैसे चूस सकता है. में कुछ बोलती उससे पहले ही डैडी ने लण्ड को मेरे होंठों पे लगाया और मुँह खोलने को कहा. मैंने जब मुँह खोला तो डैडी ने अपना लण्ड तुरंत ही मेरे मुँह में डाल दिया और कहा कि इसे अब चूस मेरी लौण्डिया.
मुझे शुरू में तो अजीब सा लगा लेकिन जब पापा ने कुछ झटके मेरे मुँह में लगाते हुए अपने लंड को अंदर बाहर किया तो मुझे भी जोश आ गया था, और में भी अपने डैडी का लण्ड चूसने लगी. मेरे ऐसा करने से मेरे डैडी को अब बहुत मजा आ रहा था. डैडी का लण्ड अब पूरा कड़क होकर खड़ा हो गया था. डैडी ने मुझे जोश में देखकर मेज की दराज़ से एक कंडोम निकाला और अपने लण्ड के ऊपर लगाया.
मेरी चूत अब पूरी तरह से गीली हो गयी थी.. की तभी अचानक से डैडी ने अपना लण्ड मेरी चूत पर रख कर कर मेरी आँखो में आँखे डालकर कहा कि अब तू मेरी रानी बनेगी. में भी उनके मुँह से यह सुन कर काफ़ी खुश हो गयी.
डैडी ने मुझे जोड़ से पकड़कर अपने लण्ड का एक झटका मारा तो उन का लण्ड सीधा मेरी चूत को चीर कर उस के अंदर तक चला गया. उम्म्ह… अहह… हय… याह… मुझे काफ़ी दर्द होने लगा और मेरी चूत से खून का फव्वारा सा निकलने लगा.
इसी के साथ में दर्द से जैसे बेहोश ही हो गयी थी. लेकिन डैडी ने इसके बावजूद भी मेरे ऊपर किसी भी प्रकार का रहम नहीं दिखाया. और वे लगे रहे पूरे जोड़ से मेरी चूत का कचूमर बनाने में.
डैडी ने थोड़ी देर बाद अचानक से एक और ज़ोर का झटका मारा तो मुझे ऐसा लग रहा था कि उनका लण्ड मेरी चूत को चीरकर मेरे पेट तक चला गया है. इसी के साथ मेरी चीख पूरे कमरे में गूंजने लगी. लेकिन डैडी तो जैसे हैवान ही बन गए थे और एक के बाद एक झटके मारने लगे.
कुछ देर के दर्द के बाद मुझे होश सा आने लगा और इसी के साथ मुझे अब दर्द भी कम हो रहा था और कुछ देर के बाद दर्द ख़त्म होकर अब मजा आने लगा. अब मेरी चीखें ख़त्म होकर मजेदार आहों में बदलने लगी और इसी के साथ में अब अपनी चुदाई का मजा ले रही थी.
डैडी ने कम से कम 15 मिनट मुझे बहुत ही जोर से मेहनत के साथ चोदा और जब उन्हें लगा कि वे अब झड़ने वाले थे तो उसने चुपके से मुझे चूमते हुए अपना कंडोम लंड से निकाला और फिर से अपनी बेटी की चूत में डालकर झटके लगाने लगे. मुझे तो चुदाई के नशे में कुछ पता ही नहीं था कि कमरे में क्या हो रहा है, में तो किसी अलग ही दुनिया में पहुँच चुकी थी.
डैडी ने तभी ज़ोर-ज़ोर गुर्राते हुए एक दम से एक ज़ोर का झटका दिया और इसी के साथ मेरी चूत में झड़ गये और जब मुझे मेरी चूत में फ़व्वारे जैसा लगा तो उसी वक़्त में भी झड़ गयी. मेरे झड़ने के साथ ही अब मन में काफ़ी सुकून सा और अच्छा सा लग रहा था.
डैडी का कामरस अब मेरी चूत से बाहर निकलकर बेड को गीला कर रहा था. डैडी उस गीले बेड को काफ़ी खुशी हो रहे थे कि उन्होंने बहुत ही चालाकी से मुझे पता चले बिना ही मेरी चूत में अपना पानी गिरा ही दिया.
जब मैंने अपनी आँखें खोली तो मुझे अपनी चूत की छोटी सी लकीर की गजाह पर भोंसड़ा दिखाई दे रहा था. डैडी ने मेरे होश में आते ही जल्दी से बाथरूम जाकर मुझे अपनी चूत को साफ़ करने के लिए कहा.
में बाथरूम में गई और अपनी चुत को अच्छे से धोकर उसे अच्छे से साफ़ कर जब बाहर लौटी तो देखा कि डैडी अपनी टाँगें फैलाए हुए अपने लण्ड को हिला-हिला कर टाइट कर रहे थे.
मैं उनपर बरस पड़ी बिना सोचे मेरे मुँह से निकल गया- डैडी, आपने यह मेरे साथ अच्छा नहीं किया बिना कंडोम के ही मुझे चोद दिया कहीं में आपके बच्चे की माँ बन गई तो. वादा करो की अगली बार आप जब भी मुझे चोदेगे तो कंडोम के साथ ही चोदेंगे.
डैडी मेरे मुँह से निकले शब्दों को सुनकर सोचते ही रह गए कि अगली बार का मतलब में फिर से उनसे चुदवाना चाहती हूँ.
अब तो घर पर मेरी चुदाई होती ही रहती है. मम्मी को भी इस बारे में सब पता है और वह भी पापा को कुछ नहीं कहती हैं, शायद उन्हें इस बात से कोई फ़रक नहीं पड़ता. मैं कई बार गर्भ से हो चुकी हूँ और हर बार पापा उसे गिरा देते है लेकिन इसके बावजूद वे कई बार बिना कंडोम के मेरी चु…दाई… कर देते है.मुझे तो लगता है की वे कभी नहीं सुधरेंगे!
ऐसी ही मस्त स्टोरी पढ़िए freesexstory.online पर.
- पड़ोसन भाभी की मस्त चूत की गर्म चुदाई
- बहन के साथ चूत चुदाई का मजा-1
- गाँव की गोरी और शहर का डॉक्टर-1
- रीना और पुजारी की चुदाई-1
- मम्मी की जोरदार चुदाई- 1
आपकी कहानी, आपकी पहचान!
क्या आपके जीवन में कोई यादगार घटना, प्रेम कहानी, रोमांचक अनुभव या कल्पनाशील कथा है? उसे हमारे पाठकों के साथ साझा करें। चुनी गई कहानियाँ हमारी वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएँगी।
📧 अपनी कहानी भेजें:
freesexstory.co.in@gmail.com लेखक बनने का मौका पाएँ और अपनी कहानी हजारों पाठकों तक पहुँचाएँ!