आप सभी का freesexstory.online के मंच पर बहुत स्वागत करता हूँ. मेरा नाम रामलाल है और मैं 42 साल का हूँ, आज मैं अपने जीवन में घटित हुई एक सच्ची कहानी के बारे में लिख रहा हूँ. कैसे मैंने मेरी बेटी की चुत की चुदाईं की और उसके बाद उससे शादी।
मेरी शादी बहुत ही छोटी 20 साल की उम्र में ही हो गई थी. मेरी शादी के मात्र 3 साल बाद ही मेरी पत्नी पेट से हो गई और डिलिवरी के समय हमारी बेटी को जन्म देते हुए मर गई.
मेरी पत्नी की मौत के बाद में मेरे घर वालों ने मुझे दूसरी शादी के लिए मेरे ऊपर बहुत दबाव बनाया लेकिन मेरी बेटी के प्यार और सौतेली मां के उसके साथ के व्यवहार के डर से मैं मेरी दूसरी शादी के लिए नहीं माना.
मैं अपनी छोटी से बेटी से बहुत प्यार करता था और मेरी बेटी भी समय के साथ समझदार होने के साथ ही मेरी इस कुर्बानी के बारे में समझने लगी और शायद इसलिए वो मेरा बहुत ही ज़्यादा ख्याल रखती थी.
मेरी पत्नी की मौत के बाद से ही मेरी ज़िन्दगी में सेक्स का सिर्फ़ नाम रह गया था लेकिन मेरी जिन्दगी में एक दिन अचानक से उस दिन बदलाव तब आया जब एक मेरी प्यारी बेटी अपने दोस्तों के साथ बाहर घूमने के लिए गई.
में उस समय घर में अकेला था और मैंने टाइम पास करने के लिए सोचा कि क्यों ना में मेरी बेटी का कमरा और उसकी अलमारी की सफाई ही कर दूँ. अब में लग गया सफ़ाई करने और सफ़ाई के दौरान मैंने जब उसकी अलमारी की सफ़ाई की तो उसमें अडल्ट बुक्स और सी.डी रखी देखी.
उस बुक्स में दिखाई देने वाले कामुक सिन्स को देखकर इतने सालों से सोई हुई मेरी वासना अचानक से जाग गई और मैं उस दिन के बाद अपनी बेटी को दूसरी नज़रों से देखने लगा.
मेरी बेटी 19 साल की बहुत ही सेक्सी लड़की थी, और उस समय उसका बदन भी भरा हुआ था जिसका साइज़ 32-28-32 था. उस दिन के बाद अब मैं हर समय मेरी बेटी पर अपनी नज़र रखने लगा.
मेरी बेटी अक्सर घर में शोर्ट्स ही पहनती है. अब मैं अक्सर उनमें उसके सेक्सी लेग्स और पेंटी को देखता और उससे उत्तेजित रहने लगा और उसकी ब्रा को लेकर मुठ मारना शुरू कर दिया.
मेरा और मेरी बेटी के कमरे की दीवार जुड़ी हुई है और इसका फ़ायदा उठाते हुए मैंने उसके कमरे में देखने के लिए उसमे एक छोटा सा छेद कर लिया जिसके बारे में उसको पता नहीं था.
में हर रात उस छेद में से उसे देखता लेकिन मुझे कुछ ज़्यादा देखने को नहीं मिला लेकिन एक रात जब में सो रहा था और नींद नहीं आ रही थी और उसी वक़्त क़रीब 12 बजे उसके कमरे से हल्की हल्की आँहे सुनाई दी.
मैंने उत्सुकता से छेद में से देखा तो मेरी बेटी अपने मोबाइल पर ब्लू फ़िल्म देख रही थी. इस दौरान उसका फेस दूसरी तरफ़ था और वो फ़िल्म देखते हुए कामुक होकर सिसकियाँ ले रही थी.
मैं कई सालों बाद किसी लड़की को इस अवस्था में देख रहा था और अपने आप को रोक न सका और उठकर उसके कमरे का दरवाजा खोल दिया.
वो मुझे इतनी रात को अचानक से अपने सामने देख कर डर गई और रोने लगी.
मैंने उसके पास जाकर उसे पकड़ लिया और उसे अपने आगोश में समाते हुए इधर-उधर चूमने लगा.
मेरी बेटी मुझे इस रूप में देखकर कहने लगी- पापा, यह आप क्या कर रहे हो मेरे साथ.
में उस वक़्त सोचने समझने की स्थिति में नहीं था और कहा- वही जो एक मरद और औरत करते हैं.
इस पर उसने कहा- ‘पर मैं आपकी बेटी हूँ.’ और यह ग़लत है.
मेरे सिर पर उस समय कामदेव सवार था और मैंने उसकी कोई बात नहीं सुनी और उसे चूमने के साथ ही उसकी नाईटी को एक ही झटके में उतार कर कमरे के एक कोने में फैंक दिया.
नाइटी के उसके बदन से उतरते ही वह मेरे सामने पूरी नंगी हो गई क्योंकि उसने अंदर से कुछ नहीं पहना था. में उसे देखकर हक्का-बक्का रह गया और उसके गोरे-गोरे मम्मो को देख कर अपना होश खोकर उन्हें चूसने लगा.
अपने एक हाथ से उसकी चूत को सहलाते हुए उसमें अपनी उँगली करने लगा तो मुझे यह एहसास हुआ कि उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था, मैं अब उसके मम्मो को दबाते हुए उसके नितंब को पकड़कर नीचे आया और अपनी बेटी की चूत को चूसने लगा और अपनी जीभ को उसमे समाने लगा.
अब तक की मेरी इन हरकतों से मेरी बेटी भी गर्म हो गई थी, और अपने दोनों हाथों से मेरे सर को पकड़कर अपनी चूत में दबाते हुए मेरा साथ देने लगी और नागिन की तरह अपने बदन को लहराते हुए मुझमें समाने को आतुर होने लगी.
मैंने जब उसका यह रूप देखा तो तुरंत ही अपने कपड़े उतार कर अपना लंड उसके मुंह में डाल दिया और कुछ समय उसके मुँह को चोदने के बाद मैंने उसके थूक से गीले हो चुके अपने लंड को उसके मुँह से निकाला और उसकी टांगें खोल कर उसकी चूत पे रखा.
अब मैंने उसे अपने शरीर को उसके शरीर पर दबाते हुए उसे किस करना शुरू किया और पहले ही झटके में मैंने अपना लंड 3 इंच तक अपनी बेटी की चूत के अंदर घुसा दिया.
मेरे झटका देते ही मेरी बेटी ने चीखने की कोशिश की लेकिन मैंने उसके लिप्स को अपने लिप्स में दबा रखते थे, दूसरे ही झटके में मैंने अपना पूरा लंड उसकी चूत की पूरी गहराई तक अन्दर घुसा दिया.
में उसे देख रहा था की मेरी उस बेरहम चुदाई की वजह से उसकी आँखों से आंसू आ रहे थे लेकिन उसके बावजूद मैं लगातार झटके लगाकर उसे चोदता रहा. और कुछ समय बाद हम दोनों ही चुदाई के मजे लेने लगे और में उसकी चुत में ही अपना रस निकालकर उसके ऊपर घिर गया और ना जाने कब मुझे नींद आ गई.
अगली सुबह जब मैं उठा तो मेरी आँखों के सामने पिछली रात को घटी सारी घटना आ गई और में अपना सिर पकड़कर आँखे बंद कर पश्ताप के कारण अपने आप को गालिया देने लगा और जब अपनी आँखे खोली तो सामने मेरी वही बेटी थी जिसके साथ रात में मैंने क्या कर दिया. अब में होश में था और मेरी बेटी से नज़रें नहीं मिला पा रहा था.
मेरी बेटी ने मेरी परिस्थिति को समझा और उस समय कुछ नहीं बोली- लेकिन घर का काम निपटाने के बाद मेरे कमरे में आकर कहा- पापा आप अपने आपको दोष मत दो. आपने मेरी खातिर अपनी सारी जिन्दगी झौंक दी और सिर्फ़ मेरी अच्छी परवरिश के लिए दूसरी शादी नहीं की और भी पता नहीं क्या कुछ नहीं किया होगा!
ऐसा कहने के साथ ही उसने मेरे सामने ही अपने कपड़े उतार दिये और मेरे भी और उसके बाद उसने उस दिन मेरे साथ में अपनी इच्छा से सेक्स किया और उसके बाद तो हम दोनों हर रोज़ ही एक दूसरे के साथ में सेक्स करने लगे, अब तो हम जब भी घर में होते है तो नंगे ही रहते है.
करीब 2 महीने में मैंने और मेरी बेटी ना ना जाने कितनी ही बार चुदाई की होगी और उसके बाद वह प्रेग्नेंट हो गई. उसके प्रेंगनेट होते ही मैंने अपना घर और सब कुछ बेच दिया और दूसरे शहर में जहाँ हमे कोई नहीं जानता था वहाँ आकर उससे शादी कर ली और अब हम दोनों पति पत्नी के तरह रह रहे है.
में जानता हूँ की मैंने जो कुछ भी किया वह हमारे समाज में ग़लत नज़रों से देखा जाता है लेकिन आज हम दोनों एक दूसरे के साथ में सुख से जीवन जी रहे है और वह मेरे दो बेटो की माँ हैं. जब मेरी बेटी की डिलीवरी हुई तो मुझे एक बार फिर से मेरा अतीत याद आ गया और उस समय मैं बहुत डर गया क्यूँकि मैं अपना दूसरा जीवनसाथी नहीं खोना चाहता था.
आज की कहानी मेरे जिंदगी में घटित हुई मेरी सच्ची घटना के बारे में है और दिल के एक कौने में अभी भी अपराध बोध जरूर है. मेरी बेटी की चूत की चुदाई की हिंदी सेक्स कहानी आपको कैसी लगी इस बारे में कमेंट में जरूर बताना?
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