यह कहानी मेरी चचेरी बहन सुनीता जिसकी उम्र उस समय 18 वर्ष और लंबाई पाँच फीट 1 इंच की है जिसे मैंने चोदा था। मेरी बहन स्मार्ट देखने में स्मार्ट है और उसकी चूचियाँ बड़ी-बड़ी और गाण्ड पीछे से उभरी हुई है।
प्रिय पाठको, मेरा मोनू हूँ और मेरी उम्र छबीस साल है। मे छ फीट लंबा हूँ और मेरा लंड भी मेरी ही तरह आठ इंच लम्बा और तगड़ा है।
बात उस समय की है जब हम सभी लोग एक शादी में गए हुए थे लेकिन मेरी बहन घर में ही रुकी थी। उसके घर में अकेले होने के कारण मेरी मम्मी ने खाना लेकर मुझे घर जाने को कहा।
मैंने गाड़ी निकाली बहन के लिए खाना लेकर घर में पहुंचा तो मुझे कोई दिखाई नहीं दिया। इधर उधर ढूँढने पर मुझे बाथरूम से पानी गिरने की आवाज आई. मेरी बहन उस समय नहा रही थी।
मैं उसके बाहर आने का इन्तज़ार कर रहा था लेकिन काफ़ी देर बाद भी वह बाहर नहीं आई तो मैंने बाथरूम के दरवाजे की और देखा तो उसमे होल था।
मैंने उत्सुकतावश उस होल से अन्दर देखा तो मेरा दिमाग़ ख़राब हो गया। सुनीता बाथरूम में बैठी हुई अपने हाथ से चूत को सहला रही थी।
मुझे कुछ देर तो कुछ समझ ही नहीं आया लेकिन कुछ समय बाद मैंने देखा कि वो आँखे बंद कर अपने हाथों से चूचियों को सहलाते हुए आहे भर रही थी।
उसे इस अवस्था में देखकर मेरा लण्ड खड़ा हो गया। अब में दरवाज़े के बाहर खड़ा होकर अपने लण्ड को सहलाते हुए अंदर के नज़ारे का मज़ा लेने लगा।
मुझे उसे इस अवस्था में देखकर यकीन ही नहीं हो रहा था की वह भी ऐसे कर सकती है। थोड़ी देर मजे लेने के बाद वो नहाने लगी तो मैं बाहर जाकर बैठ गया।
5 मिनट बाद वो कपड़े पहन कर बाहर आई। उस समय मेरा लंड खड़ा था तो उसकी नज़र मेरी पेंट के उसी हिस्से पर स्थिर हो गई। मैंने उससे कहा, ‘मैं तुझे खाना देने आया हूँ और इतनी देर से तेरे बाहर आने का इंतज़ार कर रहा हूँ।’
अब वो किचन में गई तो में भी उसके पीछे गया और हिम्मत करते हुए उसके कंधे पर हाथ लगाने लगा।
मेरे ऐसा करने पर वह वहाँ से बाहर आकर अपने बाल झटकने लगी तो मैंने कहा, ‘मैं बाल झटक देता हूँ।’
मैं उसके बाल झटकने लगा और इस दौरान उसके बाल उसके बूब्स के उपर रखें और वहाँ पर हाथ लगाने के साथ उन्हें सहलाने लगा तो उसने कुछ नहीं कहा और मैंने आगे बढ़ते हुए उसके बूब्स को दबाना शुरू कर दिया।
मेरे ऐसा करने पर उसे मेरे इरादे समझ में आने लगे और वो शरमाते हुए नजरें झुकाकर रूम में जाने लगी। उसके मुड़ते ही मैंने उसके बूब्स को पीछे से पकड़ते हुए दबाने लगा तो कुछ देर ना नुकुर करने के बाद वह मदहोश होने लगी तो मैं उसके पेट पर हाथ घुमाने लगा।
मेरे ऐसा करटी ही वह कामुक आवाज़े निकालने लगी और मेरा हाथ पकड़ कर अपनी चड्डी के अन्दर डाल दिया तो मैंने उसकी चूत को सहलाते हुए उसके बालों को दूर कर गर्दन पर चूमने लगा, वो अब मेरी हर हरकत में सहयोग कर रही थी।
मैंने उसका हाथ पकड़ कर अपने लण्ड पर रख दिया तो वह उसे पकड़ कर दबाने लगी नीचे बैठ गई।
नीचे बैठते ही उसने मेरी पैंट की चैन खोली और उसमे से बाहर निकले मेरे 8 इंच लंबे लण्ड लण्ड को देखा तो पागल हो गई- ‘यह लण्ड मेरी चूत में जाएगा तो मैं तो मर ही जाऊँगी।’
मैंने उससे कहा- ‘वह बाद में देखेगे पहले इसे मुँह में तो ले’ मेरे कहते ही उसने मेरे सुपारे को जुबान से चाटना शुरू किया। मैंने जोश में आकर कहा- ‘इसको पूरा मुँह में लेकर इसको चूसकर इसका रस निकाल ले!’
उसके मेरा लंड चूसने से मुझे मजा आ रहा था। अब मैंने उसके पूरे कपड़े उतार कर उसे नंगा किया तो वो शरमा गई।
मैंने उससे कहा- ‘पहले कभी सेक्स किया है?’
वो बोली- ‘नहीं।’
मैंने उससे कहा- ‘तैयार हो आज सील तुड़वाने के लिए, बहुत मजा आएगा तुम्हें।’
वह नीचे मेरे लंड को निचोड़ रही थी तो जोश में आकर मैंने उसके बूब्स को दबाना शुरू किया तो वह ‘आह आह्ह’ करने लगी।
मैंने उसे खड़ा किया तो उसके बूब्स पर गुलाबी गुलाबी निप्पल उन्हें और भी मदमस्त बना रहे थे। अब मैंने उन्हें अपने दांतो से काटना शुरू किया तो वो जोर से आह्ह करते हुए बोली- ‘जम कर दबाओ, मुझे आज जवान लड़की बना दो।’
में नीचे बैठा और उसके एक पैर को अपने कंदने पर रखकर अपने मुँह को उसकी चूत पर रखकर चाटने लगा। चूत की खुशबू ने तो मुझे बेहोश कर दिया और मैंने अपनी जीभ से उसको चाटने के साथ में हल्के दातों से काटना शुरू किया।
वो मदहोश हो गई और कहा- ‘मेरी चूत फा…आड़ दो आह आह आह्।’
अब मैंने उसे उठाया और रूम में बेड पर लिटाकर अपना लण्ड उसके चूत पर रख दिया। मेरे लंड को पकड़ते हुए उसने कहा ‘तुम्हारा लंड कितना गर्म है।’ मैंने मैंने अपने लंड को उसकी छूत के छेद पर रखकर धक्का दिया तो वो चिल्लाई।
मैंने फ़िर से धक्का दिया, लेकिन उसकी चूत का छेद छोटा होने के कारण मेरा लण्ड छेद से बाहर निकल गया तो उसने मुझसे कहा ‘पहले चोदना सीखकर आओ फ़िर मेरी चूत फ़ाड़ना।’
उसके मुँह से ऐसा सुनते ही मुझे गुस्सा आ गया और मैंने उसकी टांगो को फ़ैलाया और एक जोड़ के झटके से लण्ड को उसकी चुत में डाल दिया।
उसकी हालत ख़राब हो गई और वो चिल्लाई, ‘मत करो बहुत दर्द हो रहा है।’ लेकिन मैं गुस्से में था तो कैसे रुकता, वो दर्द से चिल्ला रही थी। ‘आ…ह्ह नही…ई धीरेए प्ली…लीज सीई!’
2-3 मिनट के झटकों के बाद वो भी मदमस्त हो गई और मेरे लंड को प्यार से अपनी छूत में लेने लगी और बोली, ‘मेरे रा..जा जरा ज…म के चो…दो, म…जा आ र…हा है।’
उसने चुदाई करते हुए नीचे देखा तो अपनी चुत पर लगे हुए ख़ून को देखकर डर गई। तो मैंने उसे शांत करते हुए कहा, पहली बार में ख़ून निकलता है।
मैंने उसे थोड़ी देर ऐसे चोदा और उसके बाद उसके दोनों बूब्स के बीच में अपने लण्ड को रखकर रगड़ने लगा तो मजे से मदहोश हो गया।
फ़िर नीचे आकर थोड़ी देर उसकी चूत को फिर से चाटा और साथ में उसकी चूत में उंगली डालने लगा।
मेरे ऐसा करने पर उसने मुझे पकड़कर अपने ऊपर कर लिया और अपने हाथ से पकड़कर मेरे 8 इंच लंबे लंड को अपनी चूत पर रखा तो मैंने एक झटके में पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया।
वो बोली ‘फ़ाड़ दो आह।’ करीब 15 मिनट की जबरदस्त चुदाई के बाद वो ठण्डी हो गई।
थोड़ी देर बाद ही मेरा भी माल गिरने वाला था तो मैंने अपना लण्ड बाहर निकाला और उसके मुँह में सारा रस डाल दिया।
वो बड़े प्यार से उसको पी गई और मेरे लंड को चाटकर साफ़ कर दिया और हम दोनों बाथरूम में चले गए नहाने लगे।
हम दोनों बाथरूम में फ़व्वारे के नीचे एक दूसरे को रगड़कर नहला रहे थे तो वह फिर से गरम हो गई और बैठ कर मेरे लण्ड को मुँह में लेकर चूसने लगी।
मेरा लण्ड फ़िर से खड़ा हो गया और मैंने फ़व्वारे के नीचे ही उसकी चूत में अपने लंड को डालकर उसे बाथरूम में ही छोड़ना शुरू कर दिया और वो बिल्कुल मदमस्त हो गई थी।
इस घटना के बाद तो हमे जब भी मौका मिलता तो हम एक दूसरे के साथ चुदाई करने में लग जाते। दोस्तो यह मेरी सच्ची कहानी है जिसे मैंने अपने शब्दों में ढाला है।
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गाँव की गोरी और शहर का डॉक्टर-1
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