ऑफिस की लड़की की पहली चुदाई (Office Ki Ladki Ki Pehli Chudai): इस स्टोरी में मेरे और मेरे साथ में ऑफिस में काम करने वाली लड़की की उसके घर पर हुई चुदाईं के बारे में बताने जा रहा हूँ।
मेरा नाम रवि है। मैंने अपनी इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम करना शुरू कर दिया। मेरे ऑफिस में एक से एक सुंदर लड़कियां काम करने के लिए आती हैं।
मैं दिखने में बहुत आकर्षक हूँ और मैं हर रोज जिम जाता हूँ और शायद इसी वजह से मेरा तंदुरुस्त शरीर भी बहुत ही आकर्षक है और मेरी बॉडी को देखकर ज्यादातर लड़कियां मेरी तरफ़ आकर्षित हो जाती हैं।
मेरी कंपनी में मेरे साथ ही काम करने वाली एक बहुत ही सुंदर लड़की अक्सर मुझे देखा करती थी लेकिन मैं उसे ज्यादा भाव नहीं देता था।
ऑफिस में मेरी सीट भी एकदम गर्ल्स टॉयलेट के सामने थी इसलिए कई बार आती-जाती हुई लड़कियां मुझे देख कर मुस्कुरा देती और में भी उन्हें देखकर अपनी आँखे सेक लेता था।
एक दिन जब मैं ऑफिस से छुटी के बाद अपनी गाड़ी से घर जा रहा था, तो अचानक उसी लड़की ने मुझे लिफ्ट के लिए हाथ दिया तो मैंने भी उसे देखकर अपनी गाड़ी रोक दी।
उसने कहा- आप मुझे मेट्रो स्टेशन तक छोड़ सकते हैं मैं बहुत जल्दी में हूँ।
मैंने कहा- ओके सिट!
मेरे कहते ही वह कार में मेरे साथ आकर बैठ गई। वह उस दिन मस्त सा काला टॉप और नीली जींस पहन कर आई थी।
उसके टॉप में से उसके बूब्स का उभार देख कर मेरा मन ललचा सा गया था लेकिन मैंने उसके सामने ऐसा कुछ ज़ाहिर नही होने दिया।
कार ड्राइव करते हुए में उसके साथ बहुत मज़ाक कर रहा था और इससे वो बहुत इम्प्रेस हो गई और उतरते वक्त अपना फ़ोन नम्बर मुझे दे गई लेकिन मैंने उसे कोई कॉल नही किया।
अचानक एक दिन शाम को मैंने देखा कि मेरे मोबाइल पर उसके नम्बर से मुझे कॉल आ रही है तो मैं हैरान रह गया की मैंने तो उसे मेरा नंबर नहीं दिया था फिर उसे मेरा नम्बर कहाँ से मिला।
मैंने उसकी कॉल उठाई तो कहने लगी- रवि, आज मेरा बर्थडे है और मैंने अपने घर पर एक छोटी सी पार्टी रखी है, अगर तुम थोड़ा टाइम निकाल कर पार्टी अटेंड करोगे तो मुझे अच्छा लगेगा।
मैंने कहा- मुझे तुम्हारे घर का एड्रेस नहीं पता, मैं कैसे आऊँगा।
मेरे इतना कहते ही मेरे मोबाइल के व्हाट्सएप पर नोटिफिकेशन आया और मैंने देखा तो उसने अपने घर की लोकेशन शेयर की थी!
अब मेरे पास बहाना बनाने का कोई कारण नहीं था तो मैं टाइम पर उसके घर पहुँच गया और उसके दरवाजे की घंटी बजाई।
उसने घर का दरवाजा खोला तो मैंने देखा कि वो काला सूट पहने हुए थी और बेहद खूबसूरत लग रही थी।
मैंने कहा- हैप्पी बर्थडे रूही! यू आर लुकिंग गुड इन दिस ड्रेस! उसने मुझे अन्दर आने को कहा।
अन्दर आकर मैंने देखा कि अन्दर घर में उसके और मेरे अलावा कोई नही है।
मैंने पूछा- तुम घर पर अकेली हो क्या और कोई नही है घर में?
उसने कहा- मम्मी अभी बाहर गई है और पापा मेरे बर्थडे का कुछ सामान लेने गए हैं, जल्दी ही आते होंगे।
फ़िर मैंने पूछा- और कोई तुम्हारा दोस्त नहीं आया तो कहने लगी कि आते ही होंगे।
आज वह एकदम मस्त माल लग रही थी और उसे देख कर मैं मदहोश हुआ जा रहा था। वो थोड़ी देर में मेरे लिए कुछ खाने के लिए लेकर आई और मेरे पास ही सोफ़े पर चिपककर बैठ गई।
मैं तो आज अपने होश खो रहा था उसे देखकर और उसके मुझसे चिपककर बैठते ही मैंने एक बार फिर उसकी और देखते हुए कहा कि आज तुम बहुत ही ज़्यादा खूबसूरत लग रही हो!
मेरी इस प्रशंसा से इंप्रेस होकर वो मेरे मेरे गाल पे अपने होंठों से किस करके बोली- थैंक्यू!
उसके किस करते ही में जोश में आ गया और आव देखा न ताव और उसकी कमर में हाथ डाल कर उसे अपनी तरफ़ खींचकर एक जबरदस्त किस उसके होंठों पर दे दी।
वो एकदम से उसे किस करने से घबरा गई और कहने लगी- ये तुम क्या कर रहे हो?
मैंने कहा- आज तुम इतना ज़्यादा सेक्सी लग रही हो की मुझसे रुका नहीं जा रहा है, इसलिए आज मुझे मत रोको! ऐसा कहने के साथ ही मैंने उसके होंठों एक बार फिर से किस कर डाला।
वो मुझे दूर धकेलने की कोशिश कर रही थी लेकिन आज उसके हुस्न का जादू मेरे सर पर सवार हो गया और मैंने किस करने के साथ उसकी चुचियों को पकड़ लिया और उसे मसलते हुए उसके होंठों को पागलों की तरह चूमने लगा।
थोड़ी देर की मेरी मेहनत से उसे भी मजा आने लगा और वह भी मान गई और मेरा साथ देने लगी और मेरी किस का जवाब देने लगी।
मैंने कहा- रूही डार्लिंग! आइ लव यू! और तुरंत ही उसे पकड़ कर सोफे पर डाल लिटाते हुए झट से उसके टाइट बोबों को मस्ती से दबाने लगा,उन्हें दबाकर मुझे मजा ही आ गया।
अब मैंने धीरे से अपना एक हाथ उसकी कमर से नीचे ले जाते हुए उसके सूट में से अंदर ले जाकर उसकी चुत में फँसा दिया और उसे मस्ती के साथ में धीरे-धीरे सहलाने लगा और मेरे ऐसा करते ही वो सिहर उठी, और उसके पूरे बदन के रोंगटे खड़े हो गए।
अब उसे भी मेरे हाथों का स्पर्श अच्छा लग रहा था और मैंने मौका देखते ही उसकी मदमस्त गांड पर हाथ फेर दिया और उसके जिस्म से आ रही खुशबू को सूँघते हुए उसे चूम रहा था।
मैंने उसका इरादा जानने के लिए कहा- तुम्हें बुरा तो नही लगा रहा ना?
उसने जवाब दिया- मैंने तुमसे झूठ कहा था कि आज मेरा जन्मदिन है बल्कि मैं तो ख़ुद यही चाहती थी की आज में तुम्हारे साथ में सेक्स करूँ।
मैं उसके जवाब से थोड़ा हैरान हुआ लेकिन तुरंत ही फिर से उसकी पेंटी के ऊपर से ही उसकी चुत में ऊँगली का दबाव दिया लेकिन मेरी उँगली और उसकी चूत के बीच में उसकी पेंटी आड़े आ रही थी।
मैंने अब और ज़्यादा इंतज़ार करना उचित नहीं समझा और उसे अपने बाँहो में कसते हुए खड़ा किया और फट से उसकी सलवार नीचे को खींचने के साथ ही उसे आधा नंगा कर दिया।
अब वह मेरे सामने ब्रा और कच्ची में खड़ी थी और मैंने उसे देखते हुए कहा तुम्हारे घर वाले तो नहीं आ जायेंगे?
वो जवाब में बोली आज तुम्हारे और मेरे बीच में कोई भी नहीं आने वाला है, मेरे घरवाले दो दिन के लिए बाहर गए है जान!
अब मेरा रास्ता पूरी तरह से साफ़ था और मैंने उसकी कच्छी पर अपना हाथ फ़ेरना शुरू कर दिया और वह मदहोश होने लगी और उसे मज़ा आने लगा.
मेरा एक हाथ अब भी उसकी चुचियों पर था और मैंने उसे पीछे ले जाकर उसकी ब्रा का हुक खोल दिया और हुक के खुलते ही टक की आवाह आई और उसकी बोबो को जैसे साँस आई हो.
मैंने अपने हाथ से उसकी ब्रा हटाई तो उसके दोनों बोबो को देखा तो देखता ही रह गया। इतने बड़े गोल मटोल बॉब मैंने आज से पहले सामने से कभी नही देखे थे।
अब उसके इस मदमस्त बदन पर सिर्फ़ काले रंग की पैन्टी थी जिसने उसकी चूत को अभी भी मेरी नजरों से दूर कर रखा था, मैंने उसके चुचों को मसलते हुए उसकी पैंटी में अपना हाथ डाला तो वह तो पहले से ही उबाल में थी।
उसकी चूत उसकी कामुकता के कारण अकड़ के फूल चुकी थी जैसे किसी ने उसमे हवा भर दी हो जब मैंने उसकी चूत की दरार पर अपना हाथ फिराया तो थोड़ा सा पानी मेरे हाथ पर लग गया।
उसके कामरस के मेरे हाथ से लगने के साथ ही मेरा लंड खड़ा हो गया, उसने भी अब मेरा साथ देते हुए हिम्मत करके मेरे लंड पर अपना हाथ रखा और उसे सहलाने लगी।
अब मुझे मेरे सामने नम्बर की झूठी और चुदक्कड माल नजर आ रही थी और मैंने अपने हाथों की उँगलियों से खींच कर उसकी कच्छी उतार दी तो देखा वाह! क्या बुर थी उसकी एकदम गोरी साफ़ और गुलाबी फांके।
मैंने उसके बदन को सहलाना शुरू कर दिया और उसके साथ असली मजे लेने के लिए मैंने भी अपने कपड़े उतार दिए।
मेरे नंगे होते ही वह मेरी बॉडी देख कर दंग रह गई और कहने लगी- जैसा मैंने सोचा था वैसा ही मस्ट है तेरा सेक्सी बदन, तूने मुझे बहुत तड़पाया है मेरे राजा! आज मैं सारी रात अपनी प्यास बुझाऊंगी।
इतना कहने के साथ ही उसने अपने घुटनों के बल बैठते हुए अपने दोनों हाथों से मेरा कच्छा नीचे खींच दिया और मेरा कड़क 7 इंच का लंड बाहर आ गया।
इतना मोटा लंड देख कर उसकी आँखों में एक अलग ही चमक आ गई और वह कहने लगी- आज रात को तो खेल में मज़ा ही आ जाएगा! इठना कहकर उसने मेरा लंड अपने मुह में लेकर चूसना शुरू कर दिया.
वाह, क्या मज़ेदार तरीक़े से वो मेरे लंड को चूस रही थी! वो मेरा लंड अपने हलक तक ले जा रही थी.
मैंने भी अब और ज़्यादा रुकना उचित नहीं समझा और उसके चुचे दबाना शुरू कर दिया आह … ऊह… उम्म… सो गुड और उसने मेरा लंड चूसना जारी रखा।
वह मेरे लंड को इतना मस्ती से चूस रही थी की थोड़ी ही देर में मैं झड़ने ही वाला था, तो मैंने उससे रुकने को कहा लेकिन वो नहीं रुकी और मेरे लंड को मस्ती से चूसते हुए उसका सारा रस पी गई.
मैंने भी उसे उठा कर लिटाया तो वो अपनी चूत को अपने हाथों से सहलाने लगी तो मैं उसका इशारा समझ गया और मैंने अपनी जीभ उसकी चूत से सटा दी और उसके दाने को ज़ोर से चूसने लगा.
में मस्ती से उसको तड़पाते हुए उसकी चूत को चूस रहा था और इससे उसकी तड़प बढ़ गई और वो अपने चूतड़ ऊपर नीचे करने लगी- हा …येही …हाँ …बस यहीं … मेरे राजा …अब मेरे शरीर की आग बुझा दो अब नही रहा जाता आह …ओह …रवि माय डीयर!
लेकिन मैं भी कहा कम था इतनी आराम से कैसे मान जाता, अब मैंने उसकी चूत को चाटते हुए उसकी गांड में ऊँगली घुसा दी और मेरे ऐसा करते ही वो पागल हो गई और अपने चूतड़ हवा में झुलाने लगी।
मैंने एक हाथ उसके मुंह में भी डाल दिया तो वो उसे लंड की तरह अपनी जीभ से चूसकर कामुक होने लगी.
मैंने अब उसे चोदने के लिए सीधा लेटा दिया और अपना लंड उसकी चूत पर रख दिया और कहा अब असली काम शुरू करते है.
मैंने उसकी चूत के आसपास पर अपना लंड फिराया और उसकी दरार पर रखते हुए एक झटके में ही अपना आधा लण्ड पेल दिया।
वो दर्द से चिल्लाने ही वाली थी कि मैंने उसके मुंह में अपना हाथ दांतों के बीच में डाल दिया और उसके कंधे पर अपना एक हाथ रख कर एक दूसरे झटके के साथ अपना पूरा लंड अन्दर डाल दिया।
मेरा पूरा लंड उसकी चूत में जाते ही उसकी चीख निकल गई और आँखों से आंसू बहने लगे।
वो तो एक कुवांरी लड़की थी और मैं उसे चुद्दकड़ पुराना माल समझ रहा था।
वो रोने लगी- इसस … नही … आ ..राम .. से!
मैंने अब अपना लंड सूपड़े तक बाहर निकाला तो उसकी चूत से बहुत सा खून बाहर आ गया और उसकी चूत एकदम लाल हो गई.
मैंने फ़िर से उसे चोदना शुरू कर दिया और थोड़ी देर के दर्द के बाद जल्द ही उसका शरीर अकड़ने लगा और उसे भी मजा आना शुरू हो गया इस दौरान मेरे धक्के कम नही हुए- हाँ ..धीरे …से!
मैंने अब उसे धीरे-धीरे झुकाते हुए उसकी टांगों को अपने कंधे पर रख दिया इससे उसने आँह भरी और मजे से नीचे से अपनी और से धक्के लगाने लगी- हा …हा …हए…माँ … मैं गई!
इतना कह कर वो थोड़ी देर की चुदाई में ही वह झड़ गई और थोड़ी देर में मैं भी उसके ऊपर ख़ाली हो गया.
में साइड में आकर लेट गया तो वो मेरे ऊपर लेटकर मुझे चूमने लगी- आइ लव यू रवि!
मैंने जवाब में “आइ लव यू टु रूही …” इतना कहा और उसे उल्टा लिटा दिया और उसके शरीर पर मालिश करने लगा.
मेरी मालिश से वह एक बार फिर से मूड में आने लगी और मुझ से लिपट गई, मेरा लंड फ़िर खड़ा हो गया.
मैंने उसे नीचे झुकाते हुए उसकी गांड पे थूका और उसमे उँगली कर उसे चुदाई के लिए तैयार करने लगा तो उसने कहा- “ये क्या कर रहे हो?”
मैंने उसकी गांड को मसलते हुए उसकी चुदाई के लिए इशारा किया तो उसे गांड में उगली से मजा आ रहा था और मैंने मौके का फायदा उठाते हुए अपना लंड उसकी गांड पर रखा और अन्दर घुसाना चाहा.
लेकिन उसकी गांड बहुत ही ज़्यादा टाइट थी और मेरा लंड उसमे नही घुस रहा था तो मैं सीधा लेट गया और उसे ऊपर आने को कहा.
वो मेरी बात मानकर ऊपर आई और अपनी गांड मेरे लंड पे टिका दी- वाह क्या जन्नत थी! मैंने उसकी कमर को पकड़ा और नीचे से एक जोर का झटका लगाया तो मेरा लंड उसकी गांड में आधा घुस गया और उसके बाद अगले ही झटके में मैंने पूरा लंड उसकी गांड में डाल दिया.
अब वह मेरे ऊपर लेटी हुई चिल्ला रही थी और में नीचे से उसकी गांड में अपने लंड से जोर-जोर के धक्के धक्के लगाते हुए चोद रहा था थोड़ी देर चिल्लाने के बाद उसे भी अब अपने गांड में लग रहे झटकों से मजे आने लगा और वह हम्म …हम्म …इस …हम्म …हा ..गर्र …हम्म .. इस करने लगी!
15 मिनट तक में उसे इसी तरह से चोदता रहा और आख़िर मैं उसकी गांड में ही झड़ गया और कुछ समय तक उसके साथ में ही लेटा रहा और उसके बाद हम दोनों ने साथ में शोवर लिया और मैं अपने घर चला गया।
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