जवान लड़की की सेक्स स्टोरी-2 (Jawan Ladki Ki Sex Story-2): जवान लड़की की सेक्स स्टोरी में आपने अभी तक पढ़ा की मैंने कैसे तालाब पर अपने भाई से सेक्स के मजे लिए अब आज की स्टोरी में पापा ने और एक अमेरिकन आदमी ने फिर चाचा ने और उसके बाद में आख़िर में नौकर के साथ में मैंने कैसे सेक्स के मजे लिए उसके बारे में बताऊगी.
कहानी का पहला भाग
उस दिन के बाद से भैया के ही मेरा मेरे भाई के साथ का रिश्ता भाई-बहन के रिश्ते से बदलकर पति-पत्नी का हो गया. भैया ने पापा को मेरे और उनके बीच में तालाब पर जो हुआ उसके बारे में बता दिया था. मुझे इसका पता बहुत बाद में पता लगा.
कुछ दिन घर पर रहने के बाद में चाचा के घर जाने की जिद करने लगी तो पापा ने मुझे चाचा के घर छोड़ने का फैसला किया.
हम लोग ट्रेन सेकेंड क्लास के केबिन में चाचा के घर के लिए जा रहे थे और हमारा सफ़र क़रीब 3 घंटे का था. हमारे केबिन में मेरे और पापा के अलावा 2 अमरीकी भी बैठे हुए थे. उसमें एक लड़की और एक आदमी था.
मैंने सोचा कि यह दोनों पति-पत्नी होगे क्योंकि वो दोनों सामने बैठे हुए इसी तरह से बर्ताव कर रहे थे. ट्रेन चलने के थोड़ी देर बाद ही उन दोनों ने आपस में एक दूसरे को किस करना शुरू कर दिया. पापा बार-बार उनको चोरी-चोरी से देखते और जैसे ही उनकी नजर सामने पड़ती तो अपनी नजर घुमा लेते थे.
कुछ देर की किस के बाद उस लड़की ने उस आदमी की पैंट में हाथ डालकर उसका लंड मसलने लगी. और कुछ देर के लिए रुक गये.
मेरे पापा ने उनसे पूछा- आप कहां जा रहे हो?
उस लड़की को कुछ समझ नहीं आया तो उसने उस आदमी को डैड कह कर पुकारा.
हम दोनों ही उस लड़की के द्वारा उस आदमी को डैड कहते ही आश्चर्यचकित और दंग रह गये.
पापा तुरंत ही उस आदमी से बोले- ये आपकी लड़की है?
वो बोला- हां.
पापा ने पूछा- तो फिर आप दोनों ये क्या कर रहे थे?
आदमी ने जवाब दिया- हमारे यहां पर तो यह सब आम है, वहाँ पर यह नहीं देखा जाता कि सामने भाई-बहन है या पिता-पुत्री है. सेक्स तो सेक्स ही होता है और वे सब तो उसे फील करते और सेक्स के मजे लेते है.
उस आदमी ने हम दोनों को एक गोली दी और उसे खाने को कहा और हमारे गोली खानी के कुछ देर बाद वो आदमी मेरी ओर देख कर पापा से बोला- आप भी अब मेरी तरह मजा ले सकते हैं और खुलकर सेक्स का मजा ले सकते है.
हमारे ऊपर भी उस गोली का असर होने लगा और पापा मेरी ओर देख कर मुस्कराते हुए मेरे क़रीब आने लगे तो में भी उनको देख कर स्माइल करने लगी. पापा ने अपने हाथों से मेरे मुँह को मेरे मुँह से मिलाकर मुझे किस करना शुरू कर दिया.
मैं कुछ दिनों पहले ही अपने भाई के साथ सेक्स का मजा ले चुकी थी और ऊपर से गोली भी अपना असर दिखाने लगी तो पापा के साथ मजे लेने में मुझे कोई भी दिक्कत नहीं हो रही थी. जल्द ही किस करते हुए पापा ने मेरे कपड़े उतारना शुरू किया.
हमारी सीट छोटी होने की वजह से हम दोनों खुल कर कुछ नहीं कर पा रहे थे. तभी पापा सीट के नीचे बैठ गये और मुझे अपनी गोदी में बैठा लिया और मेरी चूत में अपना लंड डाल कर चोदने लगे. मैं भी पापा के ऊपर कूद-कूदकर चुदने लगी.
पापा ने कुछ देर के धक्को के बाद अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाल लिया और इसी के साथ पापा का पानी निकल गया और पानी निकालते ही वो एक तरफ बैठ गये. मगर मैं तो अभी भी प्यासी थी और इतनी ज़्यादा गरम थी और अभी सेक्स करना चाहती थी.
तभी सामने वाला आदमी पापा से बोला- क्या हुआ, तुम तो इतने में ही थक गये? मैं तो तीन बार करने के बाद ही रुकता हूं देखो कैसे- फिर वो लड़की उस आदमी के लंड को पकड़ कर मसलने लगी.
उस आदमी का लंड धीरे-धीरे खड़ा हो गया और वो लड़की के मुँह को अपने मस्त लंड को मुंह डालकर मस्ती के साथ चुसवाने लगा. उस लड़की को उस आदमी का लंड चूसते हुए देख कर मैं भी उनकी और सेक्स की भूख से देखने लगी.
तभी उस आदमी ने अपने कपड़े मेरे सामने निकालने शुरू कर दिये और मेरे पास आ गया और अपना लंड मेरे मुंह पर रगड़ने लगा. मैं तुरंत ही उसके लंड को अपने हाथों में लेकर मस्ती से उसे चूसने लगी.
फिर उसने मुझे अपने नीचे लिटा लिया और मेरी टांगों को पकड़ कर अपना लंड मेरी चूत के अंदर डालकर मुझे पकड़ कर जबरदस्त स्पीड के साथ चोदने लगा.
मेरे मुंह से आवाजें आने लगीं. आह्ह … आऊऊ … हूह् .. आह्ह आवाजों के साथ में भी मस्ती के साथ मैं चुदने का मजा ले रही थी.
मुझे करीब 10 मिनट चोदने के बाद उसने लंड को मेरी चूत से निकाल कर अपनी लड़की को चोदने लगा.
फिर वो पापा की और देखते हुए बोला- मजा आया?
पापा बोले- हां.
आदमी बोला- तुमने अपने लंड का पानी उसकी पुसी के अंदर नहीं डाला?
पापा बोले- तुम पागल हो गए हो क्या? वो मेरी बेटी है.
वो आदमी बोला- तो क्या हुआ, ये भी मेरी बेटी है और बहुत ही जल्दी ये मेरे बच्चे की मां बनने वाली है. इसकी बड़ी बहन की तो शादी भी हो गयी है लेकिन वो अपने पति से नहीं बल्कि अपने पापा यानि कि मुझसे ही अपना बच्चा चाहती थी.
इसलिए मैंने उसको भी मस्त चोदा और आज वो मेरे बच्चे की मां है.
वो आगे बताने लगा- मेरी एक बीवी और दो बेटी हैं. बेटी का पति हर संडे को मेरे साथ मिल कर सेक्स इंजॉय करता है. मेरी बीवी प्रेंग्नेंट है और मेरी बेटी के पति के बच्चे की मां बनने वाली है.
मेरी ये छोटी बेटी शादी नहीं करना चाहती है. और बिना शादी ही सेक्स को एंजॉय कर रही है, घर में पापा हैं, जीजा हैं और इसके फ्रेंड जिनके साथ ये सेक्स करती है और बिना शादी के ही मां बनना चाहती है.
उस व्यक्ति की ये बात सुन कर मैं और पापा दोनों ही हैरान रह गये. थोड़ी देर में ही हमारा स्टेशन आ गया और हम लोग नीचे उतर कर चाचा के घर पहुंच गये.
चाचा के सिर्फ़ दो दो लड़कियां थीं और उनकी बीवी यानि कि मेरी चाची की कुछ सालो पहले मौत हो चुकी थी.
पापा ने चाचा के साथ बात करते हुए ट्रेन में हुई घटना के बारे में चाचा को बताते हुए कहा कि अब मैं सेक्स के बारे में इस बात से पूरी तरह से सहमत हूं कि हम अपने घर वालों के साथ सेक्स का मजा ले सकते है.
पापा जब चाचा से इस बारे में बात कर रहे थे तो चाचा ने ने मेरी ओर देखा. पापा भी चाचा को मेरी और देखते हुए देख रहे थे. फिर पापा चाचा से बोले- आज रात को हम भी इसी तरह से सेक्स इंजॉय करेंगे.
फिर खाना खाने के बाद हम लोग गार्डन में बैठे कर बाते करने लगे.
चाचा असमंजस में बोले- मेरी बड़ी बेटी को इस बारे में कैसे मनाया जाये.
मैं बोली- वो सब मैं देख लूंगी और चाची की लड़की के पास जाकर उसको सेक्स के बारे में बात करके गर्म किया और उसके साथ लेस्बियन सेक्स करने लगी. मैंने उसकी चूत में उंगली डालकर अपनी जीभ से उसे चूस-चूसकर पूरी तरह से गर्म कर दिया.
मैंने बड़ी ही चालाकी से अपने मोबाइल से पापा को मिस कॉल किया तो पापा और चाचा भी वहां आ गये. उन दोनों ने मिल कर मेरी और चाचा की बेटी को एक साथ चोदा.
चाचा के लंड में इतने दिनों से जो सारा वीर्य भरा हुआ था वह सब उन्होंने मेरी चूत में भर दिया लेकिन वह इतना ज़्यादा था कि मेरी चूत में से सफ़ेद-सफेद दही जैसे बाहर निकलने लगा.
अब में चाचा के यहाँ पर ही रुकी हुई थी और चुदाइ के मजे ले रही थी और कुछ दिनों के बाद मुझे अजीब सा लगने लगा तो चाचा ने डॉक्टर को दिखाया तो वे बोले कि खुशखबरी है, आप मां बनने वाली हैं.
यह सुन कर तो मेरी आँखों के सामने अंधेरा छाने लग्गा लेकिन चाचा ने डॉक्टर से कहकर मेरा अबॉर्शन करवा दिया.
अबोर्शन के बाद अगले 1 महीने से ज़्यादा समय तक मैं चाचा के घर ही रही और इस दौरान मैंने सेक्स नहीं किया था और पिछले कुछ दिनों से मेरे पूरे बदन में फिर से सेक्स चढ़ने लगा था.
एक दिन मैं दोपहर को जब सोकर उठी तो देखा कि चाचा और बाकी के सब लोग किसी काम से बाहर गए है. उस समय घर में मेरे अलावा चाचा का नौकर ही था उस नौकर की उम्र 42 साल की थी.
मैंने नौकर को कमरे में चाय लाने के लिए बोला और अपने मैंने रूम का दरवाजा खुला ही रखा और अपने सारे कपड़े निकाल कर अपनी बॉडी पर ऑयल लगाने लगी.
पांच मिनट के बाद नौकर चाय लेकर मेरे रूम में आया. उसने जब मुझे अपने रूम में पूरी की पूरी नंगी देखा तो सॉरी बोल कर जाने लगा.
मैं बोली- इसमें सूर्य की कोई बात नहीं दयाल.
इसी के साथ में उठ कर उसके पास गयी और उसकी धोती में हाथ डाल कर उसके 3 इंच चौड़े और 7 इंच लम्बे लंड को अपने हाथ में लेकर सहलाने लगी.
मेरे हाथों के स्पर्श और उसकी मालिश ने अपना असर दिखाना शुरू किया और उसका लंड तनाव में आने लगा. फिर मैं अपने घुटनों के बल बैठकर उसके लंड को अपने मुंह में लेकर उसके लंड की चमड़ी को पीछे करके मस्ती के साथ में चूसने लगी.
मुझे दयाल का बड़ा सा और घोड़े जैसा लंड बहुत मस्त लगा. मेरे उसके लंड को चूसने से उसको भी मजा आ रहा था लेकिन वह इस बात से घबरा भी रहा था की कहीं किसी को कुछ पता नहीं लग जाए.
दयाल का लंड मैंने चूस-चूस कर एकदम से लोहे जैसा कर दिया और मुझे चोदने का इशारा किया तो वो मुझे बेड पर पटक कर मेरे ऊपर चढ़ गया और मेरी टांगों को खोलकर मेरी चूत में लंड घुसा कर मुझे जोर से हब्सी की तरह से चोदने लगा.
मेरी सेक्स की प्यास उसके इस तरह से चोदने की वजह से धीरे-धीरे बुझने लगी और 10 मिनट की दमदार चुदाईं से में अपने ऑर्गेज़्म के नज़दीक आ गई और झड़ गयी और कुछ देर बाद दयाल भी मेरी चूत में ही झड़ गया.
इस तरह से पहले मैंने सबसे पहले भाई के साथ, फिर पापा के साथ और ट्रेन वाले उस अमेरिकन आदमी के साथ फिर अपने चाचा के साथ चुदाई का मजा लिया और घर के नौकर का लंड भी लिया.
अभी मेरी शादी हो गयी है. शादी के बाद भी मैंने पति और देवर का लंड लिया. उसके बारे में मैं आपको फिर कभी बताऊंगी. आपको मेरी स्टोरी कैसी लगी मुझे प्लीज अपने कमेंट्स में ज़रूर बतायें. ओके बाय!
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